चीन का 'AI प्लस विनिर्माण' अभियान: ₹60 अरब युआन का कोष, 5,000 से अधिक उद्यमों को मिला बढ़ावा
सारांश
मुख्य बातें
चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 16 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि चीन विनिर्माण क्षेत्र को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यावहारिक अनुप्रयोग का मुख्य आधार बनाते हुए नए प्रकार के औद्योगीकरण को सशक्त करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। मंत्रालय के अनुसार, अनुप्रयोग-संचालित दृष्टिकोण को मुख्यधारा में लाकर AI उद्योग के उच्च स्तरीय विकास को गति दी जाएगी।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 30 कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे 5,000 से अधिक उद्यमों के लिए आपूर्ति और माँग के बीच समन्वय सुनिश्चित करने में मदद मिली है। इसके साथ ही, बीजिंग, जिनान-चिंगताओ सहित 18 राष्ट्रीय AI नवाचार अनुप्रयोग अग्रणी क्षेत्रों की स्थापना को भी समर्थन दिया गया है।
उद्योग जगत के साथ मिलकर AI से संबंधित लगभग 200 प्रमुख तकनीकी मानक विकसित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 60 अरब युआन का एक राष्ट्रीय AI उद्योग निवेश कोष स्थापित किया गया है, जो इस पूरे अभियान की वित्तीय रीढ़ है।
सरकार की प्राथमिकताएँ
उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के उप मंत्री यू श्याओहुई ने कहा कि विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक अनुप्रयोग का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है और चीन की पूर्ण औद्योगिक प्रणाली AI विकास में देश का एक बड़ा लाभ है। उन्होंने कहा कि कच्चे माल, उपकरण निर्माण, उपभोक्ता वस्तुएँ और इलेक्ट्रॉनिक सूचना जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
उप मंत्री यू के अनुसार, उच्च मूल्य वाले परिदृश्यों और विशिष्ट अनुप्रयोगों को तेज़ी से विकसित एवं प्रचारित किए जाने के साथ-साथ विशिष्ट 'इंटेलिजेंट एजेंट्स' की एक पूरी श्रृंखला भी तैयार की जानी है।
वैश्विक संदर्भ में महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और यूरोप भी AI-आधारित औद्योगिक नीतियों को तीव्र गति से लागू कर रहे हैं। गौरतलब है कि चीन पहले से ही 'मेड इन चाइना 2025' जैसी योजनाओं के ज़रिए उन्नत विनिर्माण में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को तेज़ कर चुका है। विश्लेषकों का कहना है कि 60 अरब युआन के इस कोष और मानकीकरण की दिशा में उठाए गए कदम वैश्विक AI-विनिर्माण होड़ में चीन की स्थिति को और मज़बूत कर सकते हैं।
आलोचकों का कहना है कि इस पहल की असली सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि छोटे और मध्यम उद्यम इस तकनीकी रूपांतरण को किस हद तक अपना पाते हैं।
क्या होगा आगे
मंत्रालय का लक्ष्य है कि आने वाले समय में और अधिक AI नवाचार क्षेत्रों की स्थापना की जाए और तकनीकी मानकों की संख्या में और वृद्धि हो। उद्योग जगत के साथ साझेदारी को और विस्तार देने की योजना है, ताकि AI का लाभ विनिर्माण की पूरी मूल्य श्रृंखला तक पहुँच सके।