चीन का विकास: नोबेल पुरस्कार विजेता थॉमस सार्जेंट का अद्भुत विश्लेषण
सारांश
Key Takeaways
- चीन का विकास अद्भुत और अभूतपूर्व है।
- खुलेपन की नीतियों ने चीन को तेजी से विकसित करने में मदद की।
- पंचवर्षीय योजनाएं चीन की आर्थिक प्रगति का मुख्य आधार हैं।
बीजिंग, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नोबेल पुरस्कार विजेता और प्रमुख अमेरिकी अर्थशास्त्री थॉमस सार्जेंट ने हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप को एक विशेष इंटरव्यू दिया। उन्होंने कई बार चीन का दौरा किया है और वहां के तेज़ विकास के रहस्य को समझने की कोशिश की है। उनके अनुसार, चीन का विकास एक अद्भुत करिश्मा है।
उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष मैं 82 वर्ष का हो चुका हूँ। जब मैं चालीस वर्ष का था, तब चीन एक बहुत ही गरीब देश था। आज, मैंने जिन चीनी शहरों का दौरा किया है, उनमें से कई शहर विश्व के शीर्ष स्तर पर आ चुके हैं। चीन जैसे विशाल देश ने इतनी कम अवधि में यह विकास किया है, यह इतिहास में एक अनुपम उदाहरण है। एक अर्थशास्त्री के रूप में, मैं इसे सच्चे अर्थ में करिश्माई मानता हूँ।
उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से चीन ने व्यवस्थित रूप से खुलेपन को अपनाया है और वस्त्र व सेवा व्यापार में सीमापार मुक्त व्यापार की नीति बनाई है। यही चीन की सफलता की कुंजी है। बाजार को खोलना, वैज्ञानिक विकास को बढ़ावा देना, सीखने की प्रक्रिया पर ध्यान देना और उच्च शिक्षा को महत्व देना, ये सब सफलता के महत्वपूर्ण घटक हैं। इसके पीछे चीनी नेताओं के निर्णयों ने जीवंतता, नवाचार और उद्यमिता की भावना को प्रेरित किया है। वर्तमान में, चीन विभिन्न वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अग्रणी है। इसके साथ ही, इस सफलता का श्रेय चीनी जनता की जीवंतता और विशेष चरित्र को भी जाता है। इतिहास बार-बार यह साबित करता है कि खुलेपन पर कायम रहने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, स्थिर प्रशासनिक व्यवस्था, नियमों का पालन और अच्छे वाणिज्यिक माहौल वाले देश हमेशा बड़ी प्रगति कर सकते हैं।
साक्षात्कार में उन्होंने चीन की पंचवर्षीय योजना का उच्च मूल्यांकन किया। उनका कहना था कि चीन की पंचवर्षीय योजनाएं आपस में बहुत घनिष्ठता से जुड़ी हुई हैं। ये योजनाएं सामाजिक संसाधनों को लक्ष्यों की ओर बढ़ाती हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकांश मान्यता प्राप्त अर्थशास्त्री मुक्त व्यापार, सीमाओं के खुलने और पारस्परिक आदान-प्रदान का समर्थन करते हैं। अमेरिकी राजनीतिज्ञों का कहना है कि हमें टैरिफ बढ़ाना और विनिर्माण उद्योग की अमेरिका में वापसी को बढ़ावा देना चाहिए। वास्तव में, ये कदम विरोधाभासी हैं। अब तक कोई प्रमाण नहीं है कि विनिर्माण उद्योग अमेरिका में लौट रहा है। ऊंचे टैरिफ लगाने से अमेरिकी बाजार बंद होगा, जिससे विनिर्माण उद्योग में रोजगार वापस नहीं आएंगे। यह मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था नहीं है। कथित रूप से चीन से पूरी तरह अलग होना असंभव है, क्योंकि इंजीनियरिंग, रसायन और भौतिकी जैसे कई क्षेत्रों में चीन विश्व में अग्रणी हो चुका है।
बातचीत में उन्होंने कहा कि अनिश्चितताओं से भरे इस विश्व में स्थिर नियम, विश्वसनीय वादे और खुला सहयोग खतरों को कम करने और विश्वास बढ़ाने का आधार हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)