चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने समुद्री जैव विविधता पर समझौते की तैयारी बैठक में दिया वीडियो संबोधन
सारांश
Key Takeaways
- समुद्री जैव विविधता पर समझौता बहुपक्षवाद की जीत है।
- चीन का समुद्री इतिहास समृद्ध और महत्वपूर्ण है।
- ग्लोबल महासागर शासन में योगदान देने के लिए चीन की मजबूत इच्छाशक्ति है।
बीजिंग, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 25 मार्च को, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने 'समुद्री जैव विविधता पर समझौते' के पक्षकारों के सम्मेलन की तैयारी समिति के तीसरे सत्र को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि इस समझौते का पूरा होना और लागू होना बहुपक्षवाद की जीत है और यह वैश्विक महासागर शासन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस समझौते का पूर्ण और प्रभावी कार्यान्वयन पूरी मानवता के साझा हितों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
वांग यी ने यह भी बताया कि चीन संयुक्त राष्ट्र का एक मजबूत समर्थक, रक्षक और सहभागी रहा है। वर्तमान में जटिल और अस्थिर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच, चीन संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका का दृढ़ समर्थन करता है और बहुपक्षवाद का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन की समुद्री सभ्यता बहुत लंबी और समृद्ध है। लगभग 600 वर्ष पहले, चीनी नाविक चंग हे ने सात समुद्री यात्राएं की थीं, जिससे विभिन्न देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध और आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला। आज, चीन आधुनिकीकरण के साथ-साथ महासागरों की सुरक्षा और उनके सतत उपयोग को समान महत्व दे रहा है, और पृथ्वी पर जीवन के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के लिए प्रयासरत है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि वैश्विक महासागर शासन में योगदान देने के लिए चीन की इच्छाशक्ति और क्षमता दोनों मजबूत हैं। चीन ने 'समुद्री जैव विविधता पर समझौते' के सचिवालय को दक्षिण चीन के फूच्येन प्रांत के श्यामन शहर में स्थापित करने का प्रस्ताव भी दिया है, जो कि एक प्रमुख विकासशील देश के रूप में उसकी जिम्मेदारी को दर्शाता है। चीन सभी पक्षों के साथ मिलकर इस समझौते के प्रभावी कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने और अधिक न्यायसंगत व संतुलित वैश्विक महासागर शासन व्यवस्था के निर्माण के लिए तत्पर है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)