4 अक्टूबर 2026
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जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक: चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने खाद्य संयुक्त वक्तव्य को बताया साझा उपलब्धि

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जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक: चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने खाद्य संयुक्त वक्तव्य को बताया साझा उपलब्धि

सारांश

जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा पर सहमति तो बनी, लेकिन अमेरिका के प्रस्तावित कई बड़े व्यापार मुद्दों पर कोई अंतिम दस्तावेज़ नहीं बन सका। चीन ने विकासशील देशों के साथ मिलकर खाद्य संप्रभुता का पक्ष रखा और मियामी शिखर सम्मेलन में सकारात्मक परिणाम लाने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्य बातें

जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में खाद्य आपूर्ति श्रृंखला स्थिरता पर संयुक्त वक्तव्य पारित किया गया।
अतिरिक्त उत्पादन क्षमता, जबरन श्रम और सर्वोपरि राष्ट्र व्यवहार सिद्धांत जैसे अमेरिकी प्रस्तावों पर कोई अंतिम दस्तावेज़ नहीं बना।
चीन सहित उभरते बाज़ारों और विकासशील देशों ने खाद्य सुरक्षा में राष्ट्रीय संप्रभुता के अधिकार पर ज़ोर दिया।
चीन ने बैठक में रचनात्मक और सहयोगात्मक भूमिका निभाने का दावा किया।
चीन ने जी20 मियामी शिखर सम्मेलन में सकारात्मक व्यापारिक परिणाम लाने की प्रतिबद्धता जताई।

चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने 4 अक्टूबर 2026 को जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के परिणामों पर पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि खाद्य आपूर्ति श्रृंखला स्थिरता पर एक संयुक्त वक्तव्य पारित किया गया, जो सभी जी20 सदस्यों की सहमति और सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। हालाँकि, अध्यक्ष देश अमेरिका द्वारा प्रस्तावित अन्य मुद्दों — जैसे अतिरिक्त उत्पादन क्षमता, जबरन श्रम और सर्वोपरि राष्ट्र व्यवहार सिद्धांत — पर कोई अंतिम दस्तावेज़ नहीं बन सका।

बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा

इस बैठक में जी20 सदस्य देशों ने अध्यक्ष देश अमेरिका द्वारा निर्धारित एजेंडे के तहत विभिन्न व्यापार मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रमुख विषयों में खाद्य पदार्थों के शस्त्रीकरण का विरोध, अतिरिक्त उत्पादन क्षमता का मुकाबला करना, जबरन श्रम को समाप्त करना और सर्वोपरि राष्ट्र व्यवहार सिद्धांत में समायोजन शामिल थे। खाद्य मुद्दे पर सहमति बनी और संयुक्त वक्तव्य जारी हुआ, लेकिन शेष विषयों पर मतभेद बने रहे।

खाद्य सुरक्षा पर चीन और विकासशील देशों का रुख

खाद्य संबंधी मुद्दों पर परामर्श के दौरान चीन सहित कई उभरते बाजारों और विकासशील देशों ने प्रस्ताव दिया कि खाद्य आयात और निर्यात करने वाले सभी देशों को मिलकर खाद्य आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके साथ ही, इन देशों ने यह भी रेखांकित किया कि सभी पक्षों को अपने घरेलू सार्वजनिक नीति उद्देश्यों के लिए उपाय करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का संप्रभु अधिकार है। अध्यक्ष देश ने इन सुझावों को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया और उन्हें संयुक्त वक्तव्य में पूरी तरह शामिल किया गया।

बैठक में चीन की भूमिका

चीनी वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, बैठक के दौरान चीन ने खुला और सहयोगात्मक रवैया बनाए रखा और विभिन्न विषयों पर चर्चा में रचनात्मक भागीदारी की। चीन ने अन्य सदस्यों के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए रखते हुए संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाई। साथ ही, चीन ने अपने और विकासशील देशों के हितों की दृढ़ता से रक्षा करते हुए जी20 की एकता को मज़बूत करने का प्रयास किया।

आगामी जी20 मियामी शिखर सम्मेलन पर नज़र

यह ऐसे समय में आया है जब जी20 मियामी शिखर सम्मेलन की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और वैश्विक व्यापार तनाव एक अहम मुद्दा बना हुआ है। चीन ने स्पष्ट किया है कि वह मेज़बान देश और सभी सदस्यों के साथ मिलकर आम सहमति बनाने के लिए तत्पर है और शिखर सम्मेलन में सकारात्मक व व्यावहारिक आर्थिक एवं व्यापारिक परिणाम लाने में संयुक्त रूप से योगदान देने का इरादा रखता है। गौरतलब है कि जी20 मंचों पर खाद्य सुरक्षा और व्यापार नीतियों को लेकर विकसित और विकासशील देशों के बीच की खाई बढ़ती रही है, और इस बैठक में भी यह विभाजन स्पष्ट नज़र आया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अमेरिका के कई प्रमुख एजेंडा बिंदु अधूरे रहे। चीन का यह कथन कि उसने 'सिद्धांतों का निरंतर पालन किया', दरअसल इस बात का संकेत है कि बीजिंग ने उत्पादन क्षमता और जबरन श्रम जैसे विषयों पर पश्चिमी दबाव को स्वीकार नहीं किया। मियामी शिखर सम्मेलन से पहले यह गतिरोध बताता है कि व्यापार मुद्दों पर जी20 की एकजुटता अभी भी एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, हकीकत नहीं।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में क्या हुआ?
जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में खाद्य आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता पर एक संयुक्त वक्तव्य पारित किया गया। हालाँकि, अध्यक्ष देश अमेरिका द्वारा प्रस्तावित अन्य मुद्दों — जैसे अतिरिक्त उत्पादन क्षमता और जबरन श्रम — पर कोई अंतिम दस्तावेज़ नहीं बन सका।
खाद्य संयुक्त वक्तव्य में क्या शामिल किया गया?
संयुक्त वक्तव्य में यह माना गया कि खाद्य आयात और निर्यात करने वाले देशों को मिलकर आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बनाए रखनी चाहिए। साथ ही, सभी देशों को अपने घरेलू सार्वजनिक नीति उद्देश्यों के लिए उपाय करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार स्वीकार किया गया।
बैठक में चीन का रुख क्या रहा?
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, चीन ने बैठक में खुला और रचनात्मक रवैया अपनाया और विकासशील देशों के हितों की दृढ़ता से रक्षा की। चीन ने जी20 की एकता और सहयोग को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया।
जी20 मियामी शिखर सम्मेलन को लेकर चीन की क्या योजना है?
चीन ने कहा है कि वह आगामी जी20 मियामी शिखर सम्मेलन में मेज़बान देश और सभी सदस्यों के साथ आम सहमति बनाने के लिए काम करेगा। चीन शिखर सम्मेलन में सकारात्मक और व्यावहारिक आर्थिक एवं व्यापारिक परिणाम लाने में संयुक्त रूप से योगदान देना चाहता है।
किन मुद्दों पर जी20 में सहमति नहीं बन सकी?
अतिरिक्त उत्पादन क्षमता का मुकाबला करना, जबरन श्रम को समाप्त करना और सर्वोपरि राष्ट्र व्यवहार सिद्धांत में समायोजन — इन तीन मुद्दों पर कोई अंतिम दस्तावेज़ तैयार नहीं किया जा सका। ये मुद्दे अध्यक्ष देश अमेरिका के एजेंडे में शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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