13 अक्टूबर 2026
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क्वेइलिन में 'विश्व नहर सम्मेलन 2026' शुरू, 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल

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क्वेइलिन में 'विश्व नहर सम्मेलन 2026' शुरू, 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल

सारांश

क्वेइलिन में 'विश्व नहर सम्मेलन 2026' की शुरुआत हुई — 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधि एकजुट हुए। हाल ही में खुली 134.2 किमी लंबी फिंगलू नहर को अंतर्राष्ट्रीय हरित डिजाइन पुरस्कार मिला। यह आयोजन विरासत संरक्षण और आधुनिक जल परिवहन के बीच संतुलन की वैश्विक बहस को नई दिशा देता है।

मुख्य बातें

विश्व नहर सम्मेलन 2026 का आयोजन 13 अक्टूबर को चीन के क्वेइलिन में शुरू हुआ।
20 से अधिक देशों के नहर शहरों, शोध संस्थानों, विश्वविद्यालयों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
फिंगलू नहर परियोजना को विश्व हरित डिजाइन संगठन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय हरित डिजाइन पुरस्कार और अंतर्राष्ट्रीय हरित डिजाइन योगदान पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
फिंगलू नहर 16 सितंबर 2026 को खोली गई; कुल लंबाई 134.2 किलोमीटर , क्षमता 5,000 टन तक के जहाज।
नहर पश्चिमी भूमि-समुद्री नए कॉरिडोर की एक प्रमुख परियोजना है, जिसका निर्माण 28 अगस्त 2022 को शुरू हुआ था।

चीन के क्वांग्शी च्वांग जातीय स्वायत्त प्रदेश के क्वेइलिन शहर में 'विश्व नहर सम्मेलन 2026' का आयोजन मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ। इस अंतर्राष्ट्रीय मंच पर दुनिया के 20 से अधिक देशों के नहर शहरों, शोध संस्थानों, विश्वविद्यालयों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। नहर विरासत के संरक्षण, जल परिवहन के आधुनिकीकरण और नदी बेसिन के समन्वित विकास जैसे वैश्विक महत्व के मुद्दों पर यहाँ विचार-विमर्श हुआ।

सम्मेलन का केंद्रीय विषय

सम्मेलन का मुख्य थीम 'नवाचार और दृढ़ता : महत्वपूर्ण विकल्प' रखा गया। इसके अंतर्गत दो प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। पहला बिंदु ऐतिहासिक लिंगछ्यूए नहर (Lingqu Canal) के संरक्षण, जीर्णोद्धार और पुनरुपयोग से संबंधित था, जिसे प्राचीन विश्व की जल-संरक्षण वास्तुकला के एक अनमोल नमूने के रूप में माना जाता है।

दूसरा बिंदु फिंगलू नहर से जुड़ा था, जिसके माध्यम से आधुनिक जल परिवहन के उच्च-गुणवत्ता विकास की संभावनाएँ प्रस्तुत की गईं। इन दोनों नहरों के उदाहरण ऐतिहासिक और समकालीन जल-प्रबंधन के बीच की कड़ी को रेखांकित करते हैं।

फिंगलू नहर को अंतर्राष्ट्रीय हरित पुरस्कार

सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में विश्व हरित डिजाइन संगठन ने फिंगलू नहर परियोजना को दो प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा — अंतर्राष्ट्रीय हरित डिजाइन पुरस्कार और अंतर्राष्ट्रीय हरित डिजाइन योगदान पुरस्कार। यह मान्यता दर्शाती है कि इस परियोजना को वैश्विक स्तर पर टिकाऊ बुनियादी ढाँचे के एक प्रेरक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

फिंगलू नहर: आधुनिक जलमार्ग का नया अध्याय

गौरतलब है कि 16 सितंबर 2026 को नवनिर्मित फिंगलू नहर को आधिकारिक तौर पर खोला गया था। इसका निर्माण 28 अगस्त 2022 को आरंभ हुआ था और यह पश्चिमी भूमि-समुद्री नए कॉरिडोर की एक अहम परियोजना है।

नहर की कुल लंबाई 134.2 किलोमीटर है और इसे अंतर्देशीय श्रेणी-1 जलमार्ग के मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। इस पर 5,000 टन तक की क्षमता वाले जहाज परिचालन कर सकते हैं, जो चीन के अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए निर्धारित सर्वोच्च मानकों में से एक है।

वैश्विक महत्व और आगे की राह

यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब दुनिया भर में जल परिवहन को जलवायु-अनुकूल और कुशल विकल्प के रूप में नए सिरे से देखा जा रहा है। नहर विरासत और आधुनिक बुनियादी ढाँचे के बीच संतुलन बनाने की चुनौती आज कई देशों के सामने है। क्वेइलिन सम्मेलन की चर्चाएँ नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों को एक साझा दिशा तय करने का अवसर प्रदान करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक 'हरित कनेक्टिविटी' के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। पश्चिमी भूमि-समुद्री कॉरिडोर के हिस्से के रूप में फिंगलू नहर दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ व्यापार को सरल बनाने की महत्वाकांक्षा रखती है। भारत समेत कई देशों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि नहर-कूटनीति और 'हरित' ब्रांडिंग, चीन की क्षेत्रीय प्रभाव-विस्तार रणनीति के नए औज़ार बन रहे हैं।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व नहर सम्मेलन 2026 क्या है और यह कहाँ आयोजित हुआ?
विश्व नहर सम्मेलन 2026 एक अंतर्राष्ट्रीय आयोजन है जो 13 अक्टूबर 2026 को चीन के क्वांग्शी प्रदेश के क्वेइलिन शहर में शुरू हुआ। इसमें 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने नहर विरासत संरक्षण और जल परिवहन के आधुनिकीकरण पर विचार-विमर्श किया।
फिंगलू नहर क्या है और इसे पुरस्कार क्यों मिला?
फिंगलू नहर चीन के क्वांग्शी प्रदेश में 134.2 किलोमीटर लंबा नवनिर्मित जलमार्ग है, जिसे 16 सितंबर 2026 को खोला गया। इसे विश्व हरित डिजाइन संगठन ने 'अंतर्राष्ट्रीय हरित डिजाइन पुरस्कार' और 'अंतर्राष्ट्रीय हरित डिजाइन योगदान पुरस्कार' से सम्मानित किया, क्योंकि यह टिकाऊ और उच्च-गुणवत्ता वाले जल परिवहन बुनियादी ढाँचे का उदाहरण मानी गई।
फिंगलू नहर की विशेषताएँ क्या हैं?
फिंगलू नहर की कुल लंबाई 134.2 किलोमीटर है और यह अंतर्देशीय श्रेणी-1 जलमार्ग के मानकों पर बनी है। इस पर 5,000 टन तक की क्षमता वाले जहाज चल सकते हैं, जो चीन के अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए सर्वोच्च मानकों में से एक है। यह पश्चिमी भूमि-समुद्री नए कॉरिडोर की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
सम्मेलन में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
सम्मेलन में मुख्य रूप से तीन विषयों पर विचार-विमर्श हुआ — नहर विरासत का संरक्षण, जल परिवहन का आधुनिकीकरण, और नदी बेसिन का समन्वित विकास। इसके साथ ही ऐतिहासिक लिंगछ्यूए नहर के जीर्णोद्धार और फिंगलू नहर के ज़रिए आधुनिक जल परिवहन की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
लिंगछ्यूए नहर का क्या महत्व है?
लिंगछ्यूए नहर को प्राचीन विश्व की जल-संरक्षण वास्तुकला का एक अनमोल उदाहरण माना जाता है। विश्व नहर सम्मेलन 2026 में इस ऐतिहासिक नहर के संरक्षण, जीर्णोद्धार और नए सिरे से उपयोग पर विशेष चर्चा हुई, जो अतीत की इंजीनियरिंग विरासत को भविष्य से जोड़ने का प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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