चीन की समुद्री अर्थव्यवस्था 2025 में 110 खरब युआन पर पहुँची, विकास सूचकांक 128.8 दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत राजकीय समुद्र सूचना केंद्र द्वारा जारी वर्ष 2026 चीनी समुद्री अर्थव्यवस्था विकास सूचकांक के अनुसार, वर्ष 2025 में चीन की समुद्री अर्थव्यवस्था का कुल उत्पादन मूल्य 110 खरब युआन के स्तर पर पहुँच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। इसी अवधि में समुद्री आर्थिक विकास सूचकांक 128.8 रहा, जो गत वर्ष से 2.2 प्रतिशत से अधिक ऊँचा है।
मुख्य घटनाक्रम
सूचकांक रिपोर्ट के अनुसार, चीन की समुद्री अर्थव्यवस्था एक नई ऊँचाई पर पहुँची है। समुद्री अर्थव्यवस्था से जुड़ी व्यावसायिक इकाइयों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 6.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही समुद्री व्यवसायों की संरचना में भी निरंतर सुधार देखा जा रहा है।
विशेष रूप से उल्लेखनीय यह है कि नए समुद्री व्यवसायों का अतिरिक्त मूल्य गत वर्ष की तुलना में 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, और कुल समुद्री उत्पादन मूल्य में इनका अनुपात भी लगातार बढ़ रहा है। यह संकेत देता है कि चीन पारंपरिक समुद्री उद्योगों से आगे बढ़कर नवीन क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है।
समुद्री व्यापार और संसाधन विकास
वर्ष 2025 में चीन के समुद्री यातायात के माध्यम से होने वाले निर्यात-आयात का कुल मूल्य पिछले वर्ष की तुलना में 1.7 प्रतिशत बढ़ा। आँकड़ों के अनुसार, यह मूल्य देश के कुल आयात-निर्यात का 61.5 प्रतिशत रहा, जो समुद्री मार्गों पर चीन की व्यापारिक निर्भरता को स्पष्ट करता है।
गौरतलब है कि समुद्री संसाधनों के विकास और उपयोग की क्षमता में भी निरंतर मजबूती आ रही है, जो दीर्घकालिक आर्थिक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
समुद्री पर्यावरण में सुधार
आर्थिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण के मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चीन के तटीय समुद्री क्षेत्रों में जल गुणवत्ता के मानकों पर खरे उतरने वाले क्षेत्र का अनुपात बढ़कर 84.9 प्रतिशत हो गया है। यह समुद्री पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता और नीतिगत प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
आगे की दिशा
विशेषज्ञों के अनुसार, नए समुद्री व्यवसायों की बढ़ती हिस्सेदारी और पर्यावरण सुधार का यह संयोजन चीन की समुद्री अर्थव्यवस्था को टिकाऊ विकास की राह पर ले जाने का संकेत देता है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में और अधिक निवेश और नवाचार की उम्मीद जताई जा रही है।