चीनी जन बैंक ने लॉन्ग मार्च की 90वीं वर्षगांठ पर जारी किए सोने-चांदी के स्मारक सिक्के
सारांश
मुख्य बातें
चीनी जन बैंक ने 22 अक्टूबर 2026 को चीनी श्रमिक एवं किसान लाल सेना के ऐतिहासिक लॉन्ग मार्च की विजय की 90वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सोने और चांदी के स्मारक सिक्कों का एक विशेष सेट जारी किया। यह दोनों सिक्के चीन लोक गणराज्य की वैध मुद्रा के रूप में मान्यता प्राप्त हैं।
सिक्कों की मुख्य विशेषताएँ
इस सेट में कुल दो सिक्के शामिल हैं — एक सोने का और एक चांदी का। दोनों सिक्कों के एक तरफ चीन लोक गणराज्य का राष्ट्रीय प्रतीक, देश का नाम और वर्ष अंकित है, जो इन्हें आधिकारिक सरकारी मुद्रा का दर्जा देता है।
सोने के सिक्के का विवरण
यह गोल सोने का स्मारक सिक्का 8 ग्राम का है। इसके पिछले भाग पर पंचकोणीय तारा, हंसिया और हथौड़ा, प्रकाश की किरणें, तथा बर्फ से ढके पहाड़ों और घास के मैदानों को पार करती लाल सेना का ऐतिहासिक दृश्य उकेरा गया है। इस पर 'चीनी श्रमिक एवं किसान लाल सेना की लॉन्ग मार्च की विजय की 90वीं वर्षगांठ' और '1936-2026' के साथ मूल्य भी अंकित है। इस सिक्के की अधिकतम ढलाई 10,000 सिक्कों तक सीमित रखी गई है।
चांदी के सिक्के का विवरण
यह गोल चांदी का स्मारक सिक्का 30 ग्राम का है। इसके पिछले भाग पर लाल सेना के उत्तरी शैनशी तक के लॉन्ग मार्च और येनआन के पगोडा हिल को दर्शाने वाली कलात्मक मूर्तियाँ बनी हैं। इस पर भी '1936-2026' और मूल्य लिखा गया है। इसकी अधिकतम ढलाई 20,000 सिक्कों की है।
ऐतिहासिक संदर्भ
लॉन्ग मार्च 1934-1936 के दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की लाल सेना द्वारा किया गया एक ऐतिहासिक सामरिक पलायन था, जिसे चीन में राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है। इसकी विजय की 90वीं वर्षगांठ को इस वर्ष बड़े पैमाने पर स्मरण किया जा रहा है। गौरतलब है कि चीन में ऐतिहासिक अवसरों पर सीमित संस्करण के स्मारक सिक्के जारी करना एक स्थापित परंपरा रही है, जो इतिहास और मुद्रा को संग्रहणीय रूप में जोड़ती है।
आगे की संभावनाएँ
सीमित ढलाई के कारण इन सिक्कों की संग्राहकों और निवेशकों में खासी माँग रहने की संभावना है। ये सिक्के चीन लोक गणराज्य की वैध मुद्रा होने के साथ-साथ ऐतिहासिक संग्रह की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण हैं।