चीन के केंद्रीय बैंक का स्वर्ण भंडार 749.6 लाख औंस पर, लगातार 19वें महीने वृद्धि
सारांश
मुख्य बातें
चीन के केंद्रीय बैंक (पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना) ने 8 जून 2026 को जारी आंकड़ों में खुलासा किया कि मई 2026 के अंत तक देश का स्वर्ण भंडार बढ़कर 749.6 लाख औंस हो गया — जो अप्रैल के अंत में दर्ज 746.4 लाख औंस से 3.2 लाख औंस अधिक है। यह लगातार 19वें महीने की वृद्धि है, जो चीन की सुनियोजित सोना-संचय रणनीति को रेखांकित करती है।
मासिक वृद्धि की रफ्तार में तेज़ी
आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष फरवरी 2026 से चीन के केंद्रीय बैंक के स्वर्ण भंडार में मासिक वृद्धि 30,000 औंस से बढ़कर 3.2 लाख औंस तक पहुँच गई है। यह वृद्धि दर लगातार तेज़ होती जा रही है, जो संकेत देती है कि बीजिंग ने सोने की खरीद को व्यवस्थित रूप से बढ़ाने का निर्णय किया है।
गौरतलब है कि यह वृद्धि ऐसे समय में हो रही है जब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने की कीमतें ऐतिहासिक रूप से ऊँचे स्तर पर बनी हुई हैं।
मई में खरीद तेज़ होने का कारण
विश्लेषकों का मानना है कि मई 2026 में अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में आई अस्थायी गिरावट चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा उस महीने खरीद बढ़ाने का प्रत्यक्ष कारण हो सकती है। कीमतों में नरमी को एक अवसर के रूप में भुनाते हुए बड़ी मात्रा में सोना जोड़ा गया, ऐसा विशेषज्ञों का अनुमान है।
वैश्विक अनिश्चितता और भंडार विविधीकरण
विश्लेषकों के अनुसार, चीन द्वारा सोने की खरीद का मूल कारण वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य में आए नए बदलाव हैं। अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने और अंतरराष्ट्रीय भंडार संरचना को संतुलित करने की दृष्टि से सोने का महत्त्व बढ़ा है।
यह ऐसे समय में आया है जब कई उभरती अर्थव्यवस्थाएँ अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं। चीन की यह रणनीति डॉलर-केंद्रित वैश्विक वित्तीय व्यवस्था से दूरी बनाने की व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा मानी जा रही है।
आगे की संभावनाएँ
यदि वर्तमान गति बनी रही, तो चीन का स्वर्ण भंडार आने वाले महीनों में और नई ऊँचाइयाँ छू सकता है। वैश्विक बाज़ार विशेषज्ञ इस प्रवृत्ति पर नज़र रख रहे हैं, क्योंकि इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय सोने की माँग और मूल्य निर्धारण दोनों पर पड़ सकता है।