चीन का CPI जनवरी–जून 2025 में 1.0% बढ़ा, जून में मासिक आधार पर 0.3% की गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (NBS) ने 9 जुलाई 2025 को जारी आँकड़ों में बताया कि इस वर्ष की पहली छमाही (जनवरी–जून) में देश का राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1.0 प्रतिशत बढ़ा। यह वृद्धि मामूली लेकिन स्थिर बताई जा रही है, जो चीन की घरेलू माँग और मूल्य स्थिरता की स्थिति को दर्शाती है।
जून माह के प्रमुख आँकड़े
जून 2025 में CPI वार्षिक आधार पर 1.0 प्रतिशत बढ़ा, जबकि मासिक आधार पर 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। खाद्य और ऊर्जा कीमतों को छोड़कर, कोर CPI में भी वार्षिक आधार पर 1.0 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो यह संकेत देती है कि बुनियादी उपभोक्ता मूल्यों में मामूली किंतु निरंतर बढ़ोतरी जारी है।
मासिक गिरावट के कारण
NBS के शहरी प्रभाग की मुख्य सांख्यिकीविद् तुंग लिजुआन के अनुसार, माह-दर-माह 0.3 प्रतिशत की गिरावट मुख्यतः मौसमी कारकों और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मूल्यों में उतार-चढ़ाव के कारण रही। विशेष रूप से, खाद्य पदार्थों की कीमतों में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के दबाव के चलते घरेलू सोने के आभूषणों की कीमतों में 8.7 प्रतिशत और गैसोलीन की कीमतों में 4.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
औद्योगिक उपभोक्ता वस्तुओं पर असर
तुंग लिजुआन ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय आयात कारकों के प्रभाव से घरेलू औद्योगिक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों की वृद्धि दर में मंदी आई है। इस श्रेणी में कीमतें वार्षिक आधार पर 2.9 प्रतिशत बढ़ीं, जो पिछले महीने की तुलना में 1.0 प्रतिशत अंक कम है। यह मंदी वैश्विक आपूर्ति शृंखला में बदलावों और कच्चे माल की लागत में नरमी को दर्शाती है।
व्यापक संदर्भ और आगे की दिशा
गौरतलब है कि चीन की अर्थव्यवस्था इस समय घरेलू माँग को पुनर्जीवित करने और अपस्फीति (deflation) के जोखिम से बाहर निकलने की कोशिश में है। 1.0 प्रतिशत की CPI वृद्धि यह दर्शाती है कि कीमतें स्थिर हैं, लेकिन वृद्धि की रफ्तार अभी भी सीमित है। आने वाले महीनों में वैश्विक कमोडिटी कीमतों और घरेलू नीतिगत प्रोत्साहनों का असर CPI की दिशा तय करेगा।