चीन-जाम्बिया विकास सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर, लुसाका में ऐतिहासिक करार

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चीन-जाम्बिया विकास सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर, लुसाका में ऐतिहासिक करार

सारांश

चीन और जाम्बिया ने 24 अप्रैल को लुसाका में ऐतिहासिक विकास सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। चीनी राजदूत हान जिंग ने TAZARA रेलवे से लेकर आज तक की साझेदारी का जिक्र करते हुए जाम्बिया के औद्योगीकरण और आधुनिकीकरण में चीन की प्रतिबद्धता दोहराई।

Key Takeaways

  • 24 अप्रैल 2025 को जाम्बिया की राजधानी लुसाका में चीन-जाम्बिया सरकार विकास सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
  • जाम्बिया स्थित चीनी राजदूत हान जिंग ने समारोह में दोनों देशों की गहरी पारंपरिक मित्रता को रेखांकित किया।
  • 1960 के दशक में चीन ने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद TAZARA रेलवे बनाकर जाम्बिया की मदद की थी।
  • नए समझौते से जाम्बिया के औद्योगीकरण, आधुनिकीकरण और आर्थिक विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
  • चीन भोजन, चिकित्सा, निवेश और बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न क्षेत्रों में जाम्बिया को सहायता जारी रखेगा।
  • यह समझौता अफ्रीका में चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) विस्तार की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

बीजिंग/लुसाका, 26 अप्रैल। चीन और जाम्बिया ने 24 अप्रैल 2025 को जाम्बिया की राजधानी लुसाका में 'चीन-जाम्बिया सरकार विकास सहयोग समझौते' पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। यह समझौता दोनों देशों के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को एक नई संस्थागत मजबूती देता है और अफ्रीका में चीन की बढ़ती रणनीतिक भागीदारी की दिशा में एक अहम कदम है।

हस्ताक्षर समारोह और राजदूत का बयान

इस हस्ताक्षर समारोह में जाम्बिया में नियुक्त चीनी राजदूत हान जिंग ने कहा कि चीन और जाम्बिया के बीच गहरी पारंपरिक मित्रता रही है। उन्होंने इस समझौते को दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों और जाम्बिया के लोगों के प्रति चीन के सच्चे समर्थन का एक महत्वपूर्ण प्रमाण बताया।

राजदूत हान जिंग ने यह भी रेखांकित किया कि 20वीं शताब्दी के 1960 के दशक में जब जाम्बिया आर्थिक नाकाबंदी से जूझ रहा था और समुद्र तक उसकी पहुंच सीमित थी, तब चीन ने अपनी स्वयं की आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद तंजानिया-जाम्बिया रेलवे (TAZARA) के निर्माण में दृढ़तापूर्वक सहायता की थी। यह रेलवे परियोजना आज भी चीन-अफ्रीका सहयोग के सबसे प्रतीकात्मक उदाहरणों में से एक मानी जाती है।

नए युग में चीन की सहायता का दायरा

राजदूत ने बताया कि नए युग में चीन सरकार जाम्बिया को भोजन, चिकित्सा सेवाओं सहित विभिन्न प्रकार की सहायता लगातार प्रदान करती रही है। इसके साथ ही चीन ने जाम्बिया की स्वतंत्र विकास क्षमता को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई है।

चीन सरकार ने चीनी उद्यमों को जाम्बिया में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया है, जिससे जाम्बिया के औद्योगीकरण, आधुनिकीकरण और आर्थिक विविधीकरण को गति मिली है। यह समझौता इसी दिशा में एक और ठोस कदम है।

समझौते का रणनीतिक महत्व

यह करार ऐसे समय में हुआ है जब चीन का बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) अफ्रीकी देशों में तेजी से विस्तार पा रहा है। जाम्बिया उन अफ्रीकी देशों में शामिल है जो चीनी ऋण और निवेश पर काफी निर्भर रहे हैं। 2020 में जाम्बिया यूरोबॉन्ड डिफॉल्ट के बाद से देश आर्थिक पुनर्निर्माण की राह पर है, ऐसे में यह विकास सहयोग समझौता जाम्बिया की अर्थव्यवस्था के लिए राहत का संकेत माना जा रहा है।

विश्लेषकों के अनुसार, इस प्रकार के द्विपक्षीय समझौते चीन को अफ्रीका में अपनी नरम शक्ति (Soft Power) को मजबूत करने का अवसर देते हैं। वहीं जाम्बिया जैसे देशों के लिए यह बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में संसाधन जुटाने का माध्यम बनता है।

आगे की राह

इस समझौते के तहत आने वाले समय में दोनों देश कृषि, खनन, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल अवसंरचना जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करेंगे। राजदूत हान जिंग ने स्पष्ट किया कि चीन जाम्बिया के साथ मिलकर आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आने वाले महीनों में इस समझौते के क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद है, जो जाम्बिया के 2030 विकास लक्ष्यों के साथ संरेखित होगी और चीन-अफ्रीका संबंधों की नई इबारत लिखेगी।

(साभार: चाइना मीडिया ग्रुप, बीजिंग)

Point of View

ऐसे में यह 'सहयोग' किसके हित में अधिक है — यह सवाल उठना स्वाभाविक है। TAZARA जैसी परियोजनाओं का हवाला देकर चीन ऐतिहासिक साझेदार की छवि गढ़ता है, लेकिन आलोचक इसे 'ऋण जाल कूटनीति' का परिष्कृत रूप मानते हैं। भारत सहित अन्य उभरती शक्तियों को अफ्रीका में अपनी विकास साझेदारी को और अधिक सक्रिय और पारदर्शी बनाने की जरूरत है।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

चीन और जाम्बिया ने विकास सहयोग समझौते पर कब और कहां हस्ताक्षर किए?
चीन और जाम्बिया ने 24 अप्रैल 2025 को जाम्बिया की राजधानी लुसाका में 'चीन-जाम्बिया सरकार विकास सहयोग समझौते' पर हस्ताक्षर किए। इस समारोह में जाम्बिया स्थित चीनी राजदूत हान जिंग मुख्य प्रतिनिधि थे।
इस समझौते से जाम्बिया को क्या फायदा होगा?
इस समझौते से जाम्बिया के औद्योगीकरण, आधुनिकीकरण और आर्थिक विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा। चीन भोजन, चिकित्सा सेवाओं और निवेश के जरिए जाम्बिया की स्वतंत्र विकास क्षमता को मजबूत करेगा।
तंजानिया-जाम्बिया रेलवे (TAZARA) का इस समझौते से क्या संबंध है?
TAZARA रेलवे 1960 के दशक में चीन की सहायता से बनाई गई थी, जब जाम्बिया आर्थिक नाकाबंदी झेल रहा था। यह ऐतिहासिक परियोजना दोनों देशों की पुरानी दोस्ती का प्रतीक है और नया समझौता उसी परंपरा को आगे बढ़ाता है।
क्या चीन की अफ्रीका नीति पर आलोचना होती है?
हां, कई विश्लेषक चीन की अफ्रीका नीति को 'ऋण जाल कूटनीति' कहते हैं। जाम्बिया 2020 में यूरोबॉन्ड डिफॉल्ट कर चुका है और चीनी ऋण पर उसकी निर्भरता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
चीन-जाम्बिया सहयोग समझौते में कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
इस समझौते के तहत कृषि, खनन, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में सहयोग होगा। दोनों देश मिलकर जाम्बिया के 2030 विकास लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे।
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