चीन के चच्यांग प्रांत में 'बेल्ट एंड रोड' थिंक टैंक फोरम: पूर्व नेताओं ने वैश्विक सहयोग पर की चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
चीन के चच्यांग प्रांत के वनचो शहर में 10 अक्टूबर 2026 को चच्यांग 'बेल्ट एंड रोड' थिंक टैंक फोरम का उद्घाटन हुआ। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई देशों के पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, नीति विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और वैश्विक स्तर पर कार्यरत वनचो के उद्यमी प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। फोरम का केंद्रीय विषय 'बेल्ट एंड रोड' पहल के उच्च गुणवत्ता वाले संयुक्त निर्माण के अंतर्गत चीन के विकास और औद्योगिक उन्नयन से उभरने वाले वैश्विक अवसरों पर केंद्रित रहा।
न्यूजीलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री की राय
न्यूजीलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री जेनी शिपली ने फोरम में कहा कि 'बेल्ट एंड रोड' पहल की शुरुआत भौगोलिक संपर्क को विस्तार देने के उद्देश्य से हुई थी, परंतु अब यह आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के बावजूद इस पहल के तहत उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। शिपली के अनुसार, यह पहल चीन की अर्थव्यवस्था की मज़बूती और चुनौतियों से निपटने की क्षमता को भी रेखांकित करती है।
इथियोपिया के पूर्व राष्ट्रपति का दृष्टिकोण
इथियोपिया के पूर्व राष्ट्रपति मुलातु तेशोमे ने बताया कि चीन इथियोपिया के आधुनिकीकरण, औद्योगीकरण और बुनियादी ढाँचे के विकास में निरंतर सहयोग प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि 'बेल्ट एंड रोड' पहल के अंतर्गत चीनी कंपनियाँ इथियोपिया में बिजली, रेलवे, बंदरगाह, सड़क और विनिर्माण क्षेत्र की परियोजनाओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। तेशोमे ने यह भी कहा कि भविष्य में इथियोपिया और अधिक चीनी निवेश का स्वागत करेगा, जिससे औद्योगीकरण के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा विकास को भी बल मिलेगा।
विशेषज्ञ की राय: कंपनियों की भूमिका अहम
कनाडा के मैनिटोबा विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर राधिका देसाई ने कहा कि चीन ने 'बेल्ट एंड रोड' पहल को लागू करने के दौरान व्यापक अनुभव अर्जित किया है। उनके अनुसार, इस पहल को आगे ले जाने और द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने में निजी व सार्वजनिक कंपनियों की भूमिका निर्णायक है। देसाई ने यह भी कहा कि ज़मीनी स्तर पर परियोजनाएँ लागू करने वाली कंपनियाँ आपसी लाभ और साझा विकास की अवधारणा को मूर्त रूप देने में और बड़ी भागीदारी निभा सकती हैं।
फोरम का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि 'बेल्ट एंड रोड' पहल 2013 में शुरू हुई थी और अब तक 150 से अधिक देशों ने इससे जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह फोरम ऐसे समय में आयोजित हुआ जब वैश्विक व्यापार में तनाव और अमेरिका-चीन संबंधों में जटिलताएँ बढ़ रही हैं। आलोचकों का कहना है कि कुछ देशों में 'बेल्ट एंड रोड' परियोजनाओं ने कर्ज़ के बोझ को लेकर चिंताएँ पैदा की हैं, हालाँकि समर्थक इसे दक्षिण-दक्षिण सहयोग का सशक्त मॉडल मानते हैं। आने वाले समय में इस फोरम के निष्कर्ष वैश्विक विकास साझेदारियों की दिशा तय करने में सहायक हो सकते हैं।