दावोस फोरम में 'बेल्ट एंड रोड' पहल पर मंथन, 90 से अधिक देशों के 1,700 प्रतिनिधि ताल्येन में जुटे
सारांश
मुख्य बातें
17वाँ ग्रीष्मकालीन दावोस फोरम 23 से 25 जून तक पूर्वोत्तर चीन के ल्याओनिंग प्रांत के ताल्येन शहर में संपन्न हुआ, जिसमें 90 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 1,700 से अधिक प्रतिनिधि एकत्रित हुए। इस बार फोरम का केंद्रबिंदु चीन की 'बेल्ट एंड रोड' पहल का उच्च गुणवत्ता वाला विकास और उसके वैश्विक प्रभाव रहे।
मुख्य उप-मंच और विचार-विमर्श
23 जून को फोरम के दौरान 'बेल्ट एंड रोड' के संयुक्त निर्माण पर एक विशेष उप-मंच का आयोजन किया गया। इस मंच पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने एक दशक से अधिक के अनुभव के आधार पर पहल की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए। प्रतिनिधियों ने कहा कि 'बेल्ट एंड रोड' पहल ने समर्पित प्रयासों के बाद ठोस और सार्थक परिणाम दिए हैं।
कजाकिस्तान की भूमिका और प्रधानमंत्री का बयान
कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओल्जहास बेक्टेनोव ने फोरम में कहा कि 2013 में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पहली बार कजाकिस्तान की धरती पर 'बेल्ट एंड रोड' पहल का प्रस्ताव रखा था, जिसने एशिया-यूरोप कनेक्टिविटी में एक नया अध्याय खोला। बेक्टेनोव के अनुसार, आज यह दृष्टिकोण वैश्विक विकास को निर्देशित करने वाले प्रमुख ढाँचों में से एक बन चुका है। उन्होंने बताया कि कजाकिस्तान इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पारगमन केंद्र के रूप में उभरा है।
गिनी में विकासात्मक बदलाव
गिनी के प्रधानमंत्री अमादौ ओउरी बाह ने बताया कि चीन और गिनी ने 2018 में 'बेल्ट एंड रोड' पहल के संयुक्त निर्माण पर सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में इस पहल से गिनी में बड़े पैमाने पर महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ और जनजीवन को बेहतर बनाने वाली कई छोटी परियोजनाएँ साकार हुई हैं।
चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना और वैश्विक अवसर
फोरम में प्रतिनिधियों ने यह भी रेखांकित किया कि चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना और भी अधिक देशों के लिए विकास के नए अवसर लेकर आएगी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन और बहुपक्षीय सहयोग की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। आगामी वर्षों में 'बेल्ट एंड रोड' के अंतर्गत परियोजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।