क्या माकपा और केरल के मुख्यमंत्री ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमलों की निंदा की?

Click to start listening
क्या माकपा और केरल के मुख्यमंत्री ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमलों की निंदा की?

सारांश

सीपीआई(एम) और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अमेरिकी हवाई हमलों के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने इसे साम्राज्यवादी आक्रमण करार दिया और केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की। इस घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

Key Takeaways

  • वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमले की निंदा की गई।
  • सीपीआई(एम) और मुख्यमंत्री ने इसे साम्राज्यवादी आक्रमण बताया।
  • भारत को इस मामले में एक स्पष्ट रुख अपनाने की आवश्यकता है।
  • मुख्यमंत्री ने वैश्विक शांति की चिंता जताई।

तिरुवनंतपुरम, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सीपीआई(एम) नेतृत्व और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे “साम्राज्यवादी सैन्य आक्रमण” करार दिया और वैश्विक स्तर पर इसकी निंदा करने की मांग की। साथ ही, केंद्र सरकार से इस कार्रवाई के खिलाफ एक स्पष्ट सार्वजनिक रुख अपनाने का आग्रह किया।

वेनेजुएला में रणनीतिक और नागरिक ठिकानों पर अमेरिकी हवाई हमलों की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने अमेरिका पर “दुष्ट राष्ट्र” की तरह व्यवहार करने और ग्लोबल साउथ के देशों के खिलाफ खुली शत्रुता दिखाने का आरोप लगाया।

सोशल मीडिया पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि वेनेजुएला पर की गई बमबारी आतंकवादी कृत्य के समान है और इससे लैटिन अमेरिका में शांति को गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जो पहले से ही साम्राज्यवादी हस्तक्षेपों के खिलाफ संघर्ष के इतिहास से जुड़ा रहा है।

मुख्यमंत्री ने दुनिया भर की प्रगतिशील ताकतों से “वैश्विक शांति को कमजोर करने वाले साम्राज्यवादी कदमों” के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।

सीपीआई(एम) के महासचिव एम.ए. बेबी ने भी चिंता जताते हुए अमेरिकी कार्रवाई को “चौंकाने वाली और पीड़ादायक” बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर भारत का मित्र और गुटनिरपेक्ष आंदोलन का सदस्य रहे वेनेजुएला के खिलाफ “नग्न आक्रमण” किया गया है।

बेबी ने यह भी कहा कि भारत और वेनेजुएला अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के संस्थापक देशों में शामिल हैं और ऐसे में नई दिल्ली की जिम्मेदारी बनती है कि वह इस अन्यायपूर्ण सैन्य कार्रवाई की सार्वजनिक रूप से निंदा करे।

इस बीच, सीपीआई(एम) पोलित ब्यूरो ने अलग बयान जारी कर भारतीय जनता से वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराने की अपील की। बयान में आरोप लगाया गया कि कराकस और आसपास के इलाकों में रिहायशी क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, जिससे आम नागरिकों की जान खतरे में पड़ गई।

पोलित ब्यूरो ने कहा कि वेनेजुएला लंबे समय से अमेरिकी विदेश नीति के निशाने पर रहा है और मौजूदा सैन्य टकराव खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है।

साथ ही, पोलित ब्यूरो ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस दावे पर तत्काल स्पष्टीकरण मांगा, जिसमें उन्होंने कहा था कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिकी सेना ने हिरासत में ले लिया है।

सीपीआई(एम) ने कहा, “यदि वे जीवित हैं, तो अमेरिका को स्पष्ट सबूत पेश करने होंगे और उनके ठिकाने की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।”

संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप व्यवहार करने की मांग करते हुए पार्टी ने चेतावनी दी कि राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन जारी रहा तो इससे न केवल लैटिन अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया की शांति खतरे में पड़ जाएगी।

Point of View

जिसमें सीपीआई(एम) और केरल के मुख्यमंत्री ने अमेरिका के सैन्य आक्रमण की निंदा की है। यह घटना न केवल वेनेजुएला के लिए, बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी चिंताजनक है। भारत को इस पर एक विस्तृत रुख अपनाने की आवश्यकता है।
NationPress
22/02/2026

Frequently Asked Questions

वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमले का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिकी हवाई हमले का मुख्य कारण वेनेजुएला की राजनीतिक स्थिति और उसके साथ अमेरिका के संबंधों में तनाव है।
सीपीआई(एम) का इस घटना पर क्या रुख है?
सीपीआई(एम) ने इस घटना की निंदा की है और इसे साम्राज्यवादी सैन्य आक्रमण करार दिया है।
क्या भारत को इस पर प्रतिक्रिया करनी चाहिए?
हां, भारत को इस पर एक स्पष्ट और मजबूत प्रतिक्रिया देनी चाहिए, खासकर जब यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर प्रभाव डालता है।
Nation Press