दक्षिण कोरिया: ली जे म्युंग ने पूर्व राष्ट्रपति मून से मुलाकात, डेमोक्रेटिक पार्टी में एकता का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने बुधवार, 1 जुलाई को सोल स्थित चेओंग वा डे (राष्ट्रपति कार्यालय) में पूर्व राष्ट्रपति मून जे-इन से मुलाकात की और सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी (डीपी) के भीतर बढ़ते गुटीय मतभेदों के बीच एकता बनाए रखने की अपील की। यह बैठक पार्टी के अगस्त में होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन से पहले हुई, जहाँ नए नेतृत्व को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा की संभावना है।
बैठक का संदर्भ और पृष्ठभूमि
दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात दोपहर के भोजन के दौरान हुई, जिसमें पार्टी नेतृत्व को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा और आंतरिक विभाजन पर विस्तृत चर्चा की गई। रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों को हाल के जनमत सर्वेक्षणों में राष्ट्रपति ली की लोकप्रियता में आई गिरावट का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। कुछ वरिष्ठ नेताओं ने उनकी नीतियों पर यह कहते हुए आपत्ति जताई है कि वे पार्टी के पारंपरिक रुख से अलग हैं।
राष्ट्रपति ली का एकता संदेश
राष्ट्रपति ली ने बैठक में स्पष्ट किया कि पार्टी की मजबूती और समावेशी राजनीति देश की प्रगति के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा, 'पार्टी के भीतर एकता बहुत महत्वपूर्ण है। पार्टी को अंदर से मजबूत होना चाहिए।' ली ने यह भी रेखांकित किया कि पार्टी को अपने दायरे का विस्तार करते हुए 'संरचनात्मक विविधता' को प्रोत्साहन देना चाहिए।
उन्होंने एकता और विविधता को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी अब देश की प्रमुख राजनीतिक शक्ति बन चुकी है और उसे समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाली राजनीति अपनानी होगी।
मून जे-इन की भूमिका और प्रतिक्रिया
पूर्व राष्ट्रपति मून जे-इन ने पार्टी एकता को राष्ट्रीय एकता की दिशा में पहला ज़रूरी कदम बताया। उन्होंने कहा, 'डेमोक्रेटिक पार्टी को पहले एकजुट होना चाहिए।' मून ने राष्ट्रपति ली को वह नेता बताया जो पार्टी की एकता, व्यापक प्रगतिशील गठबंधन और राष्ट्रीय एकता को साकार कर सकते हैं। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, ली ने मून से उत्तर कोरिया के साथ संबंध सुधारने में सक्रिय भूमिका निभाने का अनुरोध किया, जिसे मून ने स्वीकार कर लिया।
उत्तर कोरिया नीति पर सहमति
बैठक में उत्तर कोरिया नीति भी चर्चा का महत्वपूर्ण विषय रही। राष्ट्रपति ली ने कहा कि वे पूर्ववर्ती डेमोक्रेटिक सरकारों की सुलह-आधारित नीति को आगे बढ़ाएँगे, क्योंकि कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति के लिए यह अपरिहार्य है। मून ने भी कहा कि उत्तर कोरिया के साथ संवाद की पुनर्स्थापना धैर्य और स्थिर सुरक्षा नीति से ही संभव है।
आगे क्या होगा
डेमोक्रेटिक पार्टी का राष्ट्रीय सम्मेलन अगस्त में आयोजित होना है, जिसमें नए पार्टी नेतृत्व के चुनाव को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज होने की संभावना है। इस बैठक को उस आंतरिक तनाव को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है जो सम्मेलन से पहले पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा सकता था। यह देखना अहम होगा कि मून की सक्रिय भागीदारी पार्टी के विभिन्न गुटों को एकजुट करने में कितनी कारगर साबित होती है।