16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या ढाका यूनिवर्सिटी में मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलकर 'उस्मान हादी हॉल' रखा जाएगा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या ढाका यूनिवर्सिटी में मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलकर 'उस्मान हादी हॉल' रखा जाएगा?

सारांश

ढाका यूनिवर्सिटी ने शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलने का फैसला किया है। यह निर्णय कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद लिया गया है। जानिए इस फैसले के पीछे का कारण और बांग्लादेश की शिक्षा प्रणाली में इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

ढाका यूनिवर्सिटी ने शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलने का निर्णय लिया है।
यह निर्णय कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद लिया गया है।
सिंडिकेट ने यह प्रस्ताव सीनेट को भेजा है।
बांग्लादेश में राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ रहा है।
शैक्षणिक संस्थानों में नाम परिवर्तन का यह एक नया उदाहरण है।

ढाका, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में शैक्षिक संस्थानों के नाम बदलने की एक नई परंपरा की शुरुआत हो रही है। ढाका यूनिवर्सिटी के प्रबंधन ने शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलकर 'उस्मान हादी हॉल' रखने का निर्णय लिया है। यह निर्णय कट्टरपंथी इस्लामी नेता शरीफ उस्मान हादी की पिछले महीने राजधानी में हत्या के बाद लिया गया है।

स्थानीय समाचारों के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति मुजीबुर रहमान की पत्नी के नाम पर बने शेख फाजिलतुन्नेसा हॉल का नाम भी बदलकर 'कैप्टन सितारा परवीन हॉल' रखा जाएगा।

यह निर्णय विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण नीतियों को बनाने वाले फोरम सिंडिकेट की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर नियाज अहमद खान ने की।

ढाका यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर सैफुद्दीन अहमद ने ढाका ट्रिब्यून से बातचीत में कहा, "सीनेट अंतिम निर्णय करेगी; सिंडिकेट ने नाम बदलने का प्रस्ताव सीनेट को भेज दिया है।" उन्होंने यह भी कहा, "यह प्रक्रिया आगे बढ़ रही है—एक कदम पूरा हो गया है।"

यह कदम 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम से जुड़े मूर्तियों और धरोहरों पर बढ़ते हमलों के संदर्भ में उठाया गया है।

हादी की हत्या के बाद, ढाका यूनिवर्सिटी में शेख मुजीबुर रहमान हॉल की यूनियन ने मूल पट्टिका हटा दी और वहाँ 'उस्मान हादी हॉल' का नया नाम लिखा गया।

अनेक छात्रों ने हॉल की मुख्य इमारत पर लगे मुजीबुर रहमान के भित्तिचित्र को भी रंग दिया था।

हादी की हत्या के बाद उसके समर्थकों ने बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में अल्पसंख्यकों, भारतीय उच्चायुक्त कार्यालय, सांस्कृतिक और मीडिया संस्थानों पर हमले किए थे।

गुरुवार को, ढाका यूनिवर्सिटी सिंडिकेट ने अवामी लीग के समर्थक टीचर्स ब्लू पैनल से जुड़े चार शिक्षकों के खिलाफ भी कार्यवाही की और उन्हें निकालने के लिए गलत मामलों में फंसाया।

सैफुद्दीन अहमद ने कहा, "उनके खिलाफ चार्ज फ्रेम कर दिए गए हैं, और उनसे कहा जाएगा कि वे क्यों नहीं निकाले जाने चाहिए।"

पिछले महीने, ढाका यूनिवर्सिटी के तीन शिक्षकों को डीयबसीएसयू के नेतृत्व वाले छात्रों के समूह द्वारा कथित तौर पर परेशान किया गया था।

बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ रही है, और राजनीतिक हस्तक्षेप, शैक्षिक स्वतंत्रता पर रोक और असहमति पर हमलों की चिंताएं बढ़ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम इतिहास का सम्मान करें और अपने शैक्षणिक संस्थानों में सहिष्णुता एवं विविधता को बढ़ावा दें।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ढाका यूनिवर्सिटी का नामकरण क्यों किया गया?
यह नामकरण उस्मान हादी की हत्या के बाद उनके प्रति श्रद्धांजलि देने के लिए किया गया है।
क्या इस फैसले से छात्रों पर प्रभाव पड़ेगा?
यह निर्णय छात्रों के बीच राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा को प्रेरित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले