1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते मिस्र ने बिजली की दरों में वृद्धि की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते मिस्र ने बिजली की दरों में वृद्धि की

सारांश

मिस्र ने इस अप्रैल से कमर्शियल और घरेलू बिजली की कीमतों में वृद्धि की है। मंत्रालय ने इसके पीछे अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को जिम्मेदार ठहराया है। जानिए पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

मिस्र में बिजली की कीमतों में वृद्धि की गई है।
बढ़ती कीमतों की वजह वैश्विक ऊर्जा संकट है।
नए प्राकृतिक गैस कुएं चालू किए गए हैं।
सरकार ने कई सख्त उपाय किए हैं।
उर्जा की बढ़ती लागत से आम जनता प्रभावित होगी।

काहिरा, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मिस्र के बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस अप्रैल से कमर्शियल और घरेलू बिजली की कीमतों में वृद्धि की सूचना दी है। मंत्रालय ने इन कीमतों में बढ़ोतरी का कारण अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष से उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट को बताया है।

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, शनिवार की रात (स्थानीय समय) जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न गंभीर वैश्विक संकट ने इस महीने से कुछ कमर्शियल और घरेलू खपत श्रेणियों के लिए कीमतों में वृद्धि को अनिवार्य बना दिया है। बयान में कहा गया है कि विभिन्न श्रेणियों में कमर्शियल खपत की कीमतों में औसतन लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। घरेलू खपत के लिए, जिन श्रेणियों में प्रति माह 2,000 किलोवाट-घंटा या उससे अधिक बिजली की खपत होती है, उनकी कीमतों में औसतन 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जबकि 2,000 किलोवाट-घंटा से नीचे की सभी श्रेणियों के लिए दरें अपरिवर्तित रहेंगी।

इससे पहले, 3 अप्रैल को मिस्र ने घरेलू ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर अपनी बढ़ती निर्भरता को कम करने के लक्ष्य से भूमध्य सागर और पश्चिमी रेगिस्तान में चार नए प्राकृतिक गैस कुओं को चालू किया।

पेट्रोलियम और खनिज संसाधन मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि भूमध्य सागर में अपतटीय पश्चिम बुरुल्लस और पश्चिमी रेगिस्तान के खालदा क्षेत्रों में स्थित इन कुओं से कुल मिलाकर प्रतिदिन 120 मिलियन क्यूबिक फीट गैस का उत्पादन होने की उम्मीद है।

ये नए कुएं उस समय चालू किए गए हैं जब मिस्र, ईरान और इजरायल-अमेरिका से जुड़े क्षेत्रीय संघर्ष के कारण बढ़ती ऊर्जा लागत से जूझ रहा है। इजरायली प्राकृतिक गैस, जो आमतौर पर मिस्र की कुल खपत का लगभग 20 प्रतिशत होती है, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों की शुरुआत के बाद से बंद हो गई है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि नए ऊर्जा भंडार को सुरक्षित करने के लिए, मिस्र ने 2026 में 100 से अधिक खोज exploratory कुओं की खुदाई करने की योजना बनाई है।

मिस्र सरकार ने पिछले महीने कुछ महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं, जिनमें लोगों को घर से काम करने की अनुमति, अधिक ईंधन की खपत वाले बड़े प्रोजेक्ट्स के कार्यान्वयन में धीमा करना और सभी सरकारी वाहनों के लिए ईंधन आवंटन में 30 प्रतिशत की कटौती करना शामिल है। अन्य उपायों में दुकानों, रेस्तरां, कैफे और मॉल के खुलने के समय में कमी करना और सड़क की रोशनी तथा बिलबोर्ड की रोशनी को एक-तिहाई तक कम करना शामिल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मिस्र द्वारा बिजली की कीमतों में वृद्धि एक महत्वपूर्ण कदम है, जो वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण अपरिहार्य हो गया है। यह स्थिति न केवल देश के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिस्र ने बिजली की कीमतें क्यों बढ़ाई हैं?
मिस्र ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते बिजली की कीमतें बढ़ाई हैं।
बिजली की कीमतों में वृद्धि का औसत प्रतिशत क्या है?
कमर्शियल खपत की कीमतों में औसतन लगभग 20 प्रतिशत और घरेलू खपत की कुछ श्रेणियों में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
मिस्र ने ऊर्जा उत्पादन के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मिस्र ने घरेलू ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए चार नए प्राकृतिक गैस कुओं को चालू किया है।
क्या बिजली की दरों में वृद्धि का कोई स्थायी प्रभाव होगा?
हालांकि यह स्थिति अस्थायी हो सकती है, लेकिन इससे दीर्घकालिक आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।
मिस्र सरकार ने और क्या कदम उठाए हैं?
मिस्र सरकार ने लोगों को घर से काम करने की अनुमति और सरकारी वाहनों के ईंधन आवंटन में कटौती जैसे कदम उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले