एर्दोगन और PM कार्नी की मुलाकात: तुर्की-कनाडा रणनीतिक साझेदारी, व्यापार $10 अरब का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच 23 अक्टूबर 2026 को हुई उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उठाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। कार्नी की तुर्की की यह पहली आधिकारिक यात्रा थी, जिसमें ऊर्जा, व्यापार, परिवहन और रक्षा उद्योग जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग पर व्यापक सहमति बनी।
रणनीतिक साझेदारी का दायरा
राष्ट्रपति एर्दोगन ने बैठक के बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मेरे प्रिय मित्र, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ऐतिहासिक महत्व की यात्रा के अवसर पर तुर्की में उनकी मेजबानी करके मुझे बेहद खुशी हुई।' नई रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत दोनों देश इलेक्ट्रॉनिक्स, परमाणु ऊर्जा सहित ऊर्जा क्षेत्र, परिवहन और रक्षा उद्योग में ठोस परियोजनाएँ शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए इस बैठक के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। एर्दोगन ने उल्लेख किया कि हाल ही में अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों सहयोगी देशों के बीच रक्षा साझेदारी की अहमियत स्पष्ट हुई थी।
व्यापार और मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति
द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए एर्दोगन ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि वर्तमान में लगभग तीन अरब डॉलर के आसपास रहने वाले द्विपक्षीय व्यापार को पहले पाँच अरब डॉलर और उसके बाद 10 अरब डॉलर तक पहुँचाया जाए।'
इस दिशा में दोनों देशों ने इसी वर्ष के अंत से पहले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत शुरू करने का फैसला लिया है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बीच दोनों देश अपने आर्थिक संबंधों को नई संरचना देने के इच्छुक हैं।
तीसरे देशों में संयुक्त निवेश की संभावनाएँ
बैठक में तीसरे देशों में संयुक्त निवेश के अवसरों पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। एर्दोगन के अनुसार, अफ्रीका से लेकर लैटिन अमेरिका, मध्य एशिया से लेकर सुदूर पूर्व तक के व्यापक क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की बड़ी संभावनाएँ हैं। गौरतलब है कि तुर्की का इन क्षेत्रों में पहले से मज़बूत कूटनीतिक और आर्थिक आधार है, जबकि कनाडा नई बाज़ार विविधता की तलाश में है।
ऊर्जा क्षेत्र में दोनों मंत्रालयों के बीच एक संयुक्त ऊर्जा सहयोग घोषणा को भी स्वीकृति मिली, जिसमें परमाणु ऊर्जा (न्यूक्लियर एनर्जी) जैसे संवेदनशील लेकिन महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
क्षेत्रीय मुद्दों पर समान दृष्टिकोण
दोनों नेताओं ने गाजा, यूक्रेन और खाड़ी क्षेत्र समेत विभिन्न क्षेत्रीय संकटों पर भी विचार साझा किए। गाजा के मुद्दे पर एर्दोगन ने कहा कि कनाडा और कुछ अन्य सहयोगी देशों द्वारा अवैध बस्तियों (सेटलमेंट्स) के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध इजरायली सरकार के उल्लंघनों को रोकने की दिशा में 'एक सही कदम' हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि कनाडा आगे भी इसी रुख को बनाए रखेगा।
कूटनीतिक महत्व
यह बैठक तुर्की-कनाडा संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। कार्नी की तुर्की यात्रा ऐसे समय में हुई जब नाटो गठबंधन के भीतर रक्षा सहयोग और व्यापार साझेदारी को नए सिरे से परिभाषित किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच FTA वार्ता और रक्षा MoU के साथ, आने वाले महीनों में यह साझेदारी ठोस रूप लेने की उम्मीद है।