गाजा में IDF की बड़ी कार्रवाई: हमले की साजिश रच रहे तीन लड़ाके ढेर, हमास और PIJ के आतंकी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने गाजा पट्टी में तीन लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है, जिन पर इजरायली सैनिकों और नागरिकों के खिलाफ हमले की योजना बनाने का आरोप था। IDF के अनुसार, यह कार्रवाई 2 अगस्त 2026 को अंजाम दी गई और इसमें तीन अलग-अलग संगठनों से जुड़े लड़ाके निशाने पर थे।
मुख्य घटनाक्रम
IDF ने गाजा सिटी इलाके में की गई कार्रवाई में 'आर्मी ऑफ इस्लाम' संगठन के अला इमाद खामिस तरामसी और पीआईजे (PIJ) संगठन के हसन इब्राहिम शहादा कहमान को मार गिराया। इसके अतिरिक्त, पिछले सप्ताह उत्तरी गाजा में की गई एक अलग कार्रवाई में हमास की जबालिया बटालियन से जुड़े लड़ाके अहमद हदारी को भी मार गिराया गया था।
IDF का आधिकारिक बयान
IDF ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इन तीनों पर IDF सैनिकों और इजरायली नागरिकों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने का आरोप था और खतरे को खत्म करने के लिए इन्हें निशाना बनाया गया। IDF ने यह भी स्पष्ट किया कि दक्षिणी कमान (Southern Command) के तहत उसकी सेनाएं समझौते के अनुसार इलाके में तैनात हैं और किसी भी उभरते खतरे को खत्म करने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखेंगी।
ट्रंप के समझौते की पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब इससे कुछ दिन पहले, गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐतिहासिक समझौते का दावा किया था। ट्रंप के अनुसार, इस समझौते में हमास के पूर्ण निशस्त्रीकरण और गाजा पट्टी से इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी का प्रावधान है।
ट्रंप के मुताबिक, सभी पक्षों की औपचारिक मंजूरी मिलने के 14 दिनों के भीतर इस समझौते को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। हमास ने भी इस समझौते पर सहमति जताई है, हालांकि उसने इजरायल से कुछ शर्तें पूरी करने की बात कही है।
समझौते की शर्तें
समझौते के तहत हमास एक चरणबद्ध प्रक्रिया में अपने सभी हथियार एक अंतरराष्ट्रीय स्टेबिलाइजेशन फोर्स को सौंपेगा। करीब 5,000 सदस्यीय इस बल की निगरानी एक अमेरिकी जनरल करेंगे। यह घोषणा अमेरिका की मध्यस्थता में हमास और इजरायल के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते के कई महीनों बाद की गई है।
आगे की स्थिति
गाजा में जारी IDF की कार्रवाइयाँ और ट्रंप-प्रस्तावित समझौते की शर्तें एक साथ अमल में आना एक जटिल स्थिति बना रही हैं। समझौते के क्रियान्वयन और ज़मीनी कार्रवाइयों के बीच का तालमेल आने वाले हफ्तों में इस संघर्ष की दिशा तय करेगा।