क्या पीएम मोदी ने भूटान यात्रा के दौरान भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों से जुड़ाव महसूस किया?

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क्या पीएम मोदी ने भूटान यात्रा के दौरान भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों से जुड़ाव महसूस किया?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी भूटान यात्रा के दौरान भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के प्रति भूटानी लोगों के आभार का अनुभव साझा किया। उन्होंने इसे गर्व का पल बताया। इस यात्रा में धार्मिक कार्यक्रमों और वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव में भाग लिया।

Key Takeaways

  • पीएम मोदी की भूटान यात्रा ने धार्मिक संबंधों को मजबूती दी।
  • भूटान के लोगों ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के लिए भारत का धन्यवाद किया।
  • भूटान में ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल का आयोजन हुआ।

नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भूटान की यात्रा की। 'मन की बात' कार्यक्रम के 128वें एपिसोड में पीएम मोदी ने इस यात्रा का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे भूटान के लोगों ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष भेजने के लिए भारत का धन्यवाद अदा किया। इसे उन्होंने गर्व का पल बताया।

पीएम मोदी ने अपनी यात्रा का वर्णन करते हुए कहा, "कुछ हफ्ते पहले, मैं भूटान गया था। ऐसी यात्राएं बातचीत के लिए नए अवसर प्रदान करती हैं। इस दौरान, मैंने भूटान के राजा, पूर्व राजा और भूटानी पीएम से मुलाकात की। यात्रा के दौरान, मैंने सुना कि सभी भारतीयों का आभार व्यक्त कर रहे थे कि उन्होंने पवित्र अवशेष भेजे। इस सुनने पर मेरा दिल गर्व से भर गया।"

उन्होंने बताया कि इसी महीने की शुरुआत में, उन्होंने दो दिवसीय भूटान यात्रा की। 11 और 12 नवंबर को उन्होंने कई धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।

भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ मिलकर, पीएम मोदी ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों से आशीर्वाद लिया। इसके अलावा, थिम्पू के ताशिछोद्जोंग में स्थानीय भिक्षुओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।

पीएम मोदी ने भूटान की शाही सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल में भी भाग लिया, जहां विश्व शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान, दिल्ली धमाके में मारे गए लोगों के लिए भी प्रार्थनाएं की गईं।

भारत और भूटान के बीच एक खास आध्यात्मिक संबंध है। भूटान में बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों की एक बड़ी संख्या है, जो भगवान बुद्ध के दर्शन के लिए भारत के महत्वपूर्ण स्थलों पर जाते हैं। यह धार्मिक कनेक्शन दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।

'मन की बात' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने बताया कि भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के प्रति उत्साह भारत के बाहर भी देखा गया।

उन्होंने कहा, "पिछले महीने, इन पवित्र निशानियों को नेशनल म्यूजियम से रूस के कलमीकिया ले जाया गया था। वहां बौद्ध धर्म का विशेष महत्व है। मुझे बताया गया कि वहां दूरदराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग इन्हें देखने आए थे। पवित्र अवशेष मंगोलिया, वियतनाम और थाईलैंड भी भेजे गए हैं। हर जगह लोगों में उत्साह देखा गया है, यहां तक कि थाईलैंड के राजा भी दर्शन करने आए थे।"

पीएम मोदी ने कहा कि दुनियाभर में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों से जुड़ाव एक दिल को छू लेने वाला अनुभव है। यह सुनकर प्रसन्नता होती है कि इस प्रकार की कोशिशें लोगों को जोड़ने का माध्यम बन जाती हैं।

Point of View

यह स्पष्ट है कि पीएम मोदी की भूटान यात्रा ने भारत और भूटान के बीच धार्मिक संबंधों को और मजबूत किया है। दोनों देशों के बीच का आध्यात्मिक जुड़ाव न केवल सांस्कृतिक बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है, जो विश्व शांति के लिए आवश्यक है।
NationPress
30/11/2025

Frequently Asked Questions

पीएम मोदी ने भूटान में किससे मुलाकात की?
पीएम मोदी ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और पूर्व राजा से मुलाकात की।
भूटान यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
भूटान यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के प्रति भूटानी लोगों का आभार व्यक्त करना और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेना था।
पीएम मोदी ने किस विशेष कार्यक्रम में भाग लिया?
पीएम मोदी ने भूटान की शाही सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल में भाग लिया।
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