क्या पाकिस्तानी धर्मगुरु का दावा है कि इमरान खान अदियाला जेल में ‘बेहद निराश’ हैं?

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क्या पाकिस्तानी धर्मगुरु का दावा है कि इमरान खान अदियाला जेल में ‘बेहद निराश’ हैं?

सारांश

पाकिस्तान के धर्मगुरु मोहम्मद अली मिर्जा ने इमरान खान की अदियाला जेल में निराशा के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। क्या यह उनके लिए एक नई चुनौती साबित होगी? जानिए पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • इमरान खान अदियाला जेल में निराश हैं।
  • मोहम्मद अली मिर्जा ने इस पर खुलासा किया है।
  • जेल में सुविधाओं की बहस तेज हो गई है।
  • पीटीआई ने एकांत कारावास की जांच के लिए समिति गठित करने की मांग की है।
  • संयुक्त राष्ट्र ने भी इमरान खान की स्थिति पर चिंता जताई है।

इस्लामाबाद, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के प्रसिद्ध धर्मगुरु मोहम्मद अली मिर्जा ने यह दावा किया है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अदियाला जेल में बेहद निराश हैं। मिर्जा हाल ही में एक हाई-प्रोफाइल ईशनिंदा मामले में रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद थे, जहां से उन्हें जमानत मिल गई है।

एक निजी टीवी चैनल के साथ बातचीत में मिर्जा ने इमरान खान के जेल में व्यवहार और दिनचर्या से जुड़े कई खुलासे किए। उन्होंने बताया कि सितंबर 2023 से अदियाला जेल में बंद इमरान खान बाहरी दुनिया की खबरों से जुड़े रहते हैं। उनके कमरे में दो अखबार और एक टीवी की सुविधा उपलब्ध है।

मिर्जा के अनुसार, लंबे समय से जेल में बंद रहने के कारण इमरान खान का “बेहद निराश” होना असामान्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इमरान को कुल छह बैरक आवंटित किए गए हैं, जिनमें से पांच उनके निजी उपयोग के लिए हैं, जबकि एक उनके अटेंडेंट के लिए है।

इन बयानों के बाद पीटीआई प्रमुख को जेल में दी जा रही सुविधाओं और हालात को लेकर पाकिस्तान में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। प्रमुख पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने भी इस पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है।

उल्लेखनीय है कि मुहम्मद अली मिर्जा को झेलम में दर्ज एक ईशनिंदा मामले में रावलपिंडी बेंच की लाहौर हाईकोर्ट ने 3 दिसंबर 2025 को जमानत दी थी। न्यायमूर्ति सादिकत अली खान ने उन्हें 5-5 लाख पाकिस्तानी रुपये के दो जमानती बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया था।

पिछले महीने पीटीआई ने पाकिस्तानी सीनेट के चेयरमैन को पत्र लिखकर इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को अदियाला जेल में कथित “एकांत कारावास” और “मौलिक अधिकारों के उल्लंघन” की जांच के लिए तत्काल संसदीय समिति गठित करने की मांग की थी। पार्टी ने समिति के लिए सीनेटर अली जफर, हमीद खान, आज़म स्वाती और मिशाल आज़म के नाम प्रस्तावित किए थे।

पीटीआई के पत्र में कहा गया था, “सीनेटरों को किसी भी कैदी, विशेष रूप से एक पूर्व प्रधानमंत्री और नेशनल असेंबली के निर्वाचित सदस्य की हिरासत की स्थिति का आकलन करने का संविधानिक अधिकार है।” पत्र में इमरान खान की कथित अवैध एकांत कैद और बुशरा बीबी के साथ व्यवहार पर भी गंभीर चिंता जताई गई थी।

इससे पहले दिसंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र की यातना पर विशेष दूत एलिस जिल एडवर्ड्स ने भी पाकिस्तान सरकार से इमरान खान की हिरासत की “अमानवीय और अपमानजनक” स्थितियों को लेकर तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की अपील की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि ये हालात यातना या अन्य अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार की श्रेणी में आ सकते हैं।

Point of View

यह स्पष्ट है कि इमरान खान की स्थिति और उनके अधिकारों का उल्लंघन एक गंभीर मुद्दा है। हमें हमेशा अपने नागरिकों और उनके अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए।
NationPress
22/02/2026

Frequently Asked Questions

इमरान खान को किस कारण से जेल में रखा गया है?
इमरान खान को एक ईशनिंदा मामले में अदियाला जेल में रखा गया है।
मोहम्मद अली मिर्जा का क्या कहना है?
मोहम्मद अली मिर्जा ने कहा है कि इमरान खान अदियाला जेल में बेहद निराश हैं।
क्या इमरान खान को जेल में सुविधाएँ दी गई हैं?
हां, इमरान खान को जेल में दो अखबार और एक टीवी की सुविधा उपलब्ध है।
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