क्या इमरान खान के भांजे शेरशाह खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया?

सारांश
Key Takeaways
- इमरान खान के भांजे शेरशाह खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
- उन्हें 9 मई के दंगों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- इस मामले में इमरान खान के परिवार के अन्य सदस्यों पर भी आरोप हैं।
- पुलिस ने 30 दिन की हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने 14 दिन की मंजूरी दी।
- इस घटना का पाकिस्तान की राजनीति पर गहरा असर पड़ सकता है।
इस्लामाबाद, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लाहौर के एक आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) ने गुरुवार को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के भांजे शेरशाह खान को 2023 के 9 मई के दंगों के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्देश दिया।
शेरशाह खान को 22 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था, एक दिन बाद जब इमरान खान के एक अन्य भांजे शाहरेज खान को जिन्ना हाउस हमले के मामले में पकड़ा गया था। पुलिस का कहना है कि शेरशाह खान को 9 मई की हिंसा के दौरान हसन नियाजी (इमरान खान के एक और भांजे) के साथ खड़ा देखा गया था।
गुरुवार को अदालत में पेशी के दौरान पुलिस ने 30 दिन की हिरासत की मांग की, लेकिन शेरशाह खान के वकील सलमान अकबर राजा ने तर्क दिया कि किसी वीडियो में दिखाई देना अपराध साबित नहीं करता। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एटीसी जज ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत मंजूर की और खान को जेल भेजने का आदेश दिया।
शेरशाह और शाहरेज खान इमरान खान की बहन अलीमा खान के बेटे हैं और उन पर राज्यविरोधी अभियान चलाने और 9 मई की हिंसा में शामिल होने के आरोप लगे हैं। बताया गया है कि हिंसा के बाद शेरशाह खान करीब दो साल तक लंदन में छिपे रहे और हाल ही में पाकिस्तान लौटे।
उनकी गिरफ्तारी पर इमरान खान के बेटे कासिम खान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे “निर्दोष परिवार के सदस्यों को निशाना बनाने वाली दमनकारी कार्रवाई” बताया। वहीं, अलीमा खान ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि उनके घर पर छापा मारकर उनके बेटे शाहरेज को जबरन उठाया गया और परिवार को प्रताड़ित किया गया।
गौरतलब है कि 9 मई 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पूरे पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जिनमें पीटीआई समर्थकों ने सैन्य ठिकानों और सरकारी इमारतों पर हमला किया था और लाहौर स्थित जिन्ना हाउस को भी निशाना बनाया था।