15 अक्टूबर 2026
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भारत-ब्रुनेई जेटीसी की तीसरी बैठक: फार्मा, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति

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भारत-ब्रुनेई जेटीसी की तीसरी बैठक: फार्मा, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति

सारांश

भारत और ब्रुनेई दारुस्सलाम ने नई दिल्ली में जेटीसी की तीसरी बैठक में फार्मास्यूटिकल्स, कृषि उत्पाद और ऊर्जा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। अगली बैठक ब्रुनेई में होगी — 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत भारत की दक्षिण-पूर्व एशिया में व्यापारिक पकड़ मज़बूत करने की कोशिश जारी है।

मुख्य बातें

भारत-ब्रुनेई जेटीसी की तीसरी बैठक 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई।
बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के अमित वर्मा और ब्रुनेई की मे फैजा अहमद आरिफिन ने की।
भारत से ब्रुनेई को कृषि, पशु उत्पाद और दवाइयों के निर्यात को बढ़ाने पर सहमति बनी।
फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा को प्राथमिकता वाले सहयोग क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया।
जेटीसी की अगली बैठक ब्रुनेई दारुस्सलाम में होगी।

भारत और ब्रुनेई दारुस्सलाम ने 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की तीसरी बैठक में द्विपक्षीय व्यापार का दायरा बढ़ाने पर सहमति जताई। इस बैठक में कृषि उत्पादों, दवाइयों और ऊर्जा को प्राथमिकता देते हुए व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने के उपायों पर गहन चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता और भागीदारी

बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के वाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित वर्मा और ब्रुनेई दारुस्सलाम के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय की स्थायी सचिव मे फैजा अहमद आरिफिन ने की। दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस विचार-विमर्श में भाग लिया।

मुख्य घटनाक्रम: व्यापार विस्तार पर ज़ोर

वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, चर्चा द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार, बाज़ार पहुँच की प्राथमिकताओं को हल करने और बिज़नेस-टू-बिज़नेस आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने के लिए संस्थागत तंत्र की पहचान करने पर केंद्रित रही। दोनों पक्षों ने खाद्य सुरक्षा को समर्थन देने और व्यापार में विविधता लाने के उद्देश्य से भारत से ब्रुनेई दारुस्सलाम को कृषि और पशु उत्पादों के निर्यात को सुविधाजनक बनाने पर भी सहमति व्यक्त की।

फार्मा, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा: सहयोग के प्रमुख क्षेत्र

फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा को आगे सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया। दोनों पक्षों ने नियामक सहयोग, खरीद और स्वास्थ्य सेवाओं के अवसरों पर विचार किया तथा फार्मास्यूटिकल एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में अधिक भागीदारी की संभावना को स्वीकार किया।

ऊर्जा पर हुई चर्चा में निरंतर औद्योगिक विकास को समर्थन देने के लिए पारंपरिक और उभरती ऊर्जा साझेदारियों को शामिल किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ ऊर्जा संपर्क मज़बूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

लोगों के बीच संबंध और व्यापार संवर्धन

दोनों पक्षों ने पर्यटन में सहयोग और व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों में भागीदारी के माध्यम से आपसी वाणिज्यिक पहुँच को मज़बूत करने के महत्व पर ज़ोर दिया। लक्षित व्यापार संवर्धन कार्यक्रम और पारस्परिक व्यापार प्रतिनिधिमंडल विनिर्माण, बुनियादी ढाँचे और सेवाओं में निवेश के अवसरों की पहचान करने में मददगार हो सकते हैं।

आगे की राह: अगली बैठक ब्रुनेई में

दोनों देशों ने बैठक के दौरान तय किए गए व्यापार और निवेश उद्देश्यों को आगे बढ़ाने तथा फ़ॉलो-अप कार्रवाइयों की निगरानी के लिए संबंधित नोडल एजेंसियों और कार्य समूहों के बीच नियमित संवाद बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम जेटीसी की चौथी बैठक ब्रुनेई दारुस्सलाम में आयोजित की जाएगी। गौरतलब है कि भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ आर्थिक संबंध मज़बूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में है और यह बैठक उसी दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'चिन्हित प्रमुख क्षेत्रों' और 'नियमित संवाद' की प्रतिबद्धता कब ठोस व्यापार आँकड़ों में तब्दील होगी। भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ कई ऐसी संस्थागत बैठकें हो चुकी हैं जो घोषणाओं से आगे नहीं बढ़ पाईं। ब्रुनेई एक छोटी लेकिन ऊर्जा-समृद्ध अर्थव्यवस्था है, और फार्मा व कृषि निर्यात में भारत की रुचि स्वाभाविक है — पर द्विपक्षीय व्यापार की मौजूदा मात्रा और लक्षित वृद्धि के ठोस आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए, जो इस बैठक की वास्तविक महत्वाकांक्षा को आंकने में बाधा है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ब्रुनेई जेटीसी की तीसरी बैठक क्या है?
यह भारत और ब्रुनेई दारुस्सलाम के बीच व्यापारिक एवं आर्थिक सहयोग की समीक्षा के लिए गठित संयुक्त व्यापार समिति की तीसरी बैठक है, जो 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई। इसमें दोनों देशों के मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में किन प्रमुख क्षेत्रों पर सहयोग तय हुआ?
बैठक में फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा को प्रमुख सहयोग क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया। इसके अलावा भारत से ब्रुनेई को कृषि और पशु उत्पादों के निर्यात को सुविधाजनक बनाने पर भी सहमति बनी।
भारत-ब्रुनेई जेटीसी की अगली बैठक कहाँ होगी?
जेटीसी की अगली यानी चौथी बैठक ब्रुनेई दारुस्सलाम में आयोजित की जाएगी। दोनों देशों ने फ़ॉलो-अप कार्रवाइयों की निगरानी के लिए नोडल एजेंसियों के बीच नियमित संवाद जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता किसने की?
बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित वर्मा और ब्रुनेई के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय की स्थायी सचिव मे फैजा अहमद आरिफिन ने की।
भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति में ब्रुनेई का क्या महत्व है?
ब्रुनेई दारुस्सलाम ऊर्जा-समृद्ध दक्षिण-पूर्व एशियाई देश है और भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत इस क्षेत्र के देशों के साथ व्यापार एवं निवेश संबंध मज़बूत करना प्राथमिकता है। जेटीसी जैसे संस्थागत तंत्र इसी नीति के क्रियान्वयन के हिस्से हैं।
राष्ट्र प्रेस
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