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अमेरिका का भारत से रूसी तेल खरीदने का आग्रह: ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट का बयान

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अमेरिका का भारत से रूसी तेल खरीदने का आग्रह: ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट का बयान

सारांश

अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने भारत से रूसी तेल कार्गो खरीदने का अनुरोध किया है। यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने और ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच तेल कीमतों में वृद्धि को रोकने के लिए है।

मुख्य बातें

अमेरिका ने भारत से रूसी तेल खरीदने का अनुरोध किया है।
यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए है।
भारत ने रूस के कच्चे तेल से दूर जाने के लिए कदम उठाए हैं।

वॉशिंगटन, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने रविवार को खुलासा किया कि अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए भारत से उन रूसी तेल कार्गो को खरीदने का अनुरोध किया है, जो वर्तमान में चीन की रिफ़ाइनरियों पर अनलोड होने का इंतजार कर रहे हैं।

राइट ने सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ट्रंप प्रशासन ने मध्य पूर्व में तेल बाजारों में बढ़ते डर को कम करने के लिए सीधे भारत से संपर्क किया।

उन्होंने कहा, "मैंने भारतीयों को फोन किया, जैसा कि अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट ब्रेसेंट ने भी किया, और कहा कि देखिए, बहुत सारा तेल है जो चीन की रिफ़ाइनरियों में अनलोड होने के लिए तैर रहा है।"

उन्होंने आगे कहा, "छह हफ्ते इंतजार करने के बजाय, उस तेल को जल्दी आगे बढ़ाते हैं, इसे भारत के रिफ़ाइनरियों पर उतारते हैं और तेल की कमी के डर और कीमतों में उछाल की चिंताओं को कम करते हैं।"

अमेरिका के ऊर्जा सचिव ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य जल्दी से अतिरिक्त कच्चे तेल को वैश्विक बाजारों में लाना और ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के कारण तेल कीमतों में वृद्धि को रोकना है।

उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह एक व्यावहारिक और अल्पकालिक प्रयास है और इससे अमेरिका की रूस के प्रति नीतियों में कोई बदलाव नहीं आया है।

राइट ने यह भी कहा कि अमेरिका की रूस के प्रति नीति अब भी वही है, हालांकि भारत को अस्थायी छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि भारत ने पहले ही अपने ऊर्जा स्रोतों को रूस के कच्चे तेल से दूर करने की दिशा में कदम उठाए हैं और अमेरिका सहित अन्य देशों से अपने तेल आयात बढ़ाए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी दर्शाता है कि भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए सावधानी बरतनी होगी।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने रूस के कच्चे तेल से दूर जाने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
भारत ने पहले ही अपने ऊर्जा स्रोतों को रूस के कच्चे तेल से दूर करने की दिशा में कदम उठाए हैं और अन्य देशों से अपने तेल आयात बढ़ाए हैं।
अमेरिका का रूसी तेल पर क्या रुख है?
अमेरिका की रूस के प्रति नीति अब भी वही है, लेकिन भारत को अस्थायी छूट दी गई है।
यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार को कैसे प्रभावित करेगा?
इस कदम का उद्देश्य तेजी से अतिरिक्त कच्चे तेल को वैश्विक बाजारों में लाना और कीमतों में वृद्धि को रोकना है।
राष्ट्र प्रेस
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