10 अक्टूबर 2026
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परमाणु धमकी से नहीं झुकेगा भारत: UN में अनमोल शेर बेदी ने पाकिस्तान को दिया कड़ा जवाब

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परमाणु धमकी से नहीं झुकेगा भारत: UN में अनमोल शेर बेदी ने पाकिस्तान को दिया कड़ा जवाब

सारांश

संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम समिति में भारत के वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर बेदी ने पाकिस्तान को सीधा संदेश दिया — परमाणु धमकी से भारत नहीं झुकेगा, हर आतंकी हमले का जवाब मिलेगा। ऑपरेशन सिंदूर को न्यायसंगत ठहराते हुए उन्होंने ए.क्यू. खान नेटवर्क और पाकिस्तान की सैन्य सत्ता पर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

भारत के वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर बेदी ने 10 अक्टूबर 2026 को UN महासभा की प्रथम समिति में पाकिस्तान को स्पष्ट किया कि भारत परमाणु धमकी से नहीं झुकेगा।
ऑपरेशन सिंदूर को आत्मरक्षा में उठाया गया संतुलित और सटीक कदम बताया; पहलगाम हमले में 26 नागरिकों की हत्या को आधार बताया।
भारत की 'नो-फर्स्ट-स्ट्राइक' परमाणु नीति की पुष्टि; परमाणु क्षमता किसी खास देश के खिलाफ नहीं।
खान नेटवर्क और UN सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 1540 का हवाला देते हुए पाकिस्तान के साथ परमाणु सहयोग पर सभी देशों को सतर्क किया।
सिंधु जल संधि स्थगन को उचित ठहराया; जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताया।
बेदी ने 2016 की सिविल सेवा परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल किया था और बीआईटीएस पिलानी से कंप्यूटर साइंस स्नातक हैं।

भारत के जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण सम्मेलन में स्थायी मिशन के वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर बेदी ने 10 अक्टूबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम समिति की बैठक में पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत आतंकवाद के मसले पर परमाणु हथियारों की धमकी से दबने वाला नहीं है। बेदी ने कहा कि किसी भी आतंकी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा और भारत आतंकवाद को समर्थन देने वालों तथा उसकी साजिश रचने वालों के बीच कोई फर्क नहीं करेगा।

ऑपरेशन सिंदूर और आत्मरक्षा का तर्क

बेदी ने ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ देते हुए कहा कि पहलगाम में पाकिस्तान-आधारित आतंकियों द्वारा 26 नागरिकों की हत्या के बाद पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई थी। उन्होंने इस कदम को पूरी तरह आत्मरक्षा में उठाया गया बताया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कदम संतुलित, सटीक और स्थिति को और न बढ़ाने के उद्देश्य से उठाए गए थे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध ऑपरेशन सिंदूर के बाद अत्यंत तनावपूर्ण बने हुए हैं।

परमाणु नीति और 'नो-फर्स्ट-स्ट्राइक' सिद्धांत

बेदी ने महासभा की प्रथम समिति को भरोसा दिलाया कि भारत की परमाणु क्षमता किसी खास देश को निशाना बनाने के लिए नहीं है और भारत की परमाणु नीति पूरी तरह रक्षात्मक है। उन्होंने कहा, 'यह हमारी सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से तैयार की गई है।'

भारत ने पाकिस्तान के विपरीत 'नो-फर्स्ट-स्ट्राइक' की नीति घोषित कर रखी है, अर्थात भारत किसी भी देश पर पहले परमाणु हमला नहीं करेगा। बेदी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई देश छोटे स्तर के हमलों के परिणामों से बचने के लिए परमाणु खतरे का सहारा लेता है, तो इससे तनाव कम नहीं, बल्कि बढ़ने का खतरा पैदा होता है।

ए.क्यू. खान नेटवर्क और परमाणु प्रसार की चेतावनी

बेदी ने पाकिस्तान की परमाणु सहयोग संबंधी माँगों पर सवाल उठाते हुए अब्दुल कदीर खान नेटवर्क का उल्लेख किया, जिस पर दूसरे देशों को परमाणु बम बनाने की तकनीक देने और उत्तर कोरिया के साथ परमाणु सामग्री के बदले मिसाइल तकनीक का आदान-प्रदान करने के आरोप लगे थे।

उन्होंने कहा, 'परमाणु प्रसार के मामले में भारत ए.क्यू. खान नेटवर्क के इतिहास की तरफ ध्यान दिलाता है, जिसकी वजह से करीब दो दशक पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 1540 लाया गया था।' गौरतलब है कि यह प्रस्ताव 2004 में अपनाया गया था और यह सभी देशों को आतंकवादी संगठनों को सामूहिक विनाश के हथियार देने से रोकता है।

बेदी ने सभी देशों और जिम्मेदार आपूर्तिकर्ताओं को आगाह किया: 'हम सभी देशों और जिम्मेदार आपूर्तिकर्ताओं से अधिकतम सतर्कता बरतने की अपील करते हैं। यह भारत के लिए नहीं, बल्कि उनकी अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी है।'

पाकिस्तान की शासन व्यवस्था और अस्थिरता के पैटर्न पर निशाना

बेदी ने पाकिस्तान की शासन संरचना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वहाँ वास्तविक शक्ति सेना के पास है और जो लोग सत्ता में हैं, वे न तो जनता द्वारा चुने जाते हैं और न ही जनता के प्रति जवाबदेह हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की पाकिस्तान यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सामान्य प्रोटोकॉल से हटकर सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात की, जो यही दर्शाता है कि असली सत्ता कहाँ है।

उन्होंने पाकिस्तान की रणनीति का पैटर्न भी उजागर करते हुए कहा, 'पहले उकसावे की कार्रवाई होती है, फिर जिम्मेदारी से इनकार किया जाता है और जब जवाबी कार्रवाई होती है तो संयम बरतने की अपील की जाती है।' बेदी के अनुसार यही तरीका अस्थिरता को एक राजनीतिक हथियार बना देता है।

सिंधु जल संधि, कश्मीर और द्विपक्षीय मुद्दे

बेदी ने बताया कि भारत ने सिंधु जल संधि इसलिए स्थगित की क्योंकि पाकिस्तान ने आपसी भरोसे और सहयोग की मूल भावना को कमजोर किया। कश्मीर मुद्दे पर उन्होंने दो-टूक कहा, 'जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।' उन्होंने पाकिस्तान से भारत के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली कर वापस लौटाने की माँग दोहराई।

यह बयान देने वाले अनमोल शेर बेदी मूलतः अमृतसर के रहने वाले हैं, जिन्होंने 2016 की सिविल सेवा परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल किया था। उनके पास बीआईटीएस पिलानी से कंप्यूटर साइंस की डिग्री है और उन्होंने चीन में मंदारिन भाषा की पढ़ाई भी की है। आने वाले दिनों में भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर यह जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परमाणु छाया' वाली रणनीति को सीधे चुनौती देना दर्शाता है कि भारत अब परमाणु ब्लैकमेल को डिटरेंट के रूप में स्वीकार नहीं करेगा। ए.क्यू. खान नेटवर्क का उल्लेख और आपूर्तिकर्ता देशों को चेतावनी — यह बहुपक्षीय कूटनीति में पाकिस्तान को अलग-थलग करने की सोची-समझी कोशिश है। असली सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संदेश को सुनता है, या रूस-यूक्रेन और मध्य-पूर्व के संकटों में उलझा विश्व एक बार फिर दक्षिण एशिया की परमाणु तनातनी को नजरअंदाज करता है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनमोल शेर बेदी ने UN में क्या कहा?
भारत के वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर बेदी ने 10 अक्टूबर 2026 को UN महासभा की प्रथम समिति में कहा कि भारत परमाणु धमकी से नहीं झुकेगा और किसी भी आतंकी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद को समर्थन देने वालों और साजिश रचने वालों के बीच कोई फर्क नहीं करेगा।
ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने UN में कैसे उचित ठहराया?
बेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया, जो पहलगाम में पाकिस्तान-आधारित आतंकियों द्वारा 26 नागरिकों की हत्या के बाद किया गया था। उन्होंने इसे संतुलित, सटीक और स्थिति को और न बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया कदम करार दिया।
भारत की 'नो-फर्स्ट-स्ट्राइक' नीति क्या है?
भारत की 'नो-फर्स्ट-स्ट्राइक' नीति का अर्थ है कि भारत किसी भी देश पर पहले परमाणु हमला नहीं करेगा। यह नीति पाकिस्तान की नीति से अलग है और भारत की परमाणु क्षमता को पूरी तरह रक्षात्मक बताती है।
ए.क्यू. खान नेटवर्क का UN में जिक्र क्यों किया गया?
बेदी ने पाकिस्तान की परमाणु सहयोग माँगों के संदर्भ में ए.क्यू. खान नेटवर्क का उल्लेख किया, जिस पर दूसरे देशों को परमाणु तकनीक देने के आरोप लगे थे। यह जिक्र इसलिए किया गया ताकि देशों को पाकिस्तान के साथ परमाणु और सैन्य सहयोग में सतर्क रहने की अपील की जा सके।
भारत ने सिंधु जल संधि क्यों स्थगित की?
बेदी के अनुसार, भारत ने सिंधु जल संधि इसलिए स्थगित की क्योंकि यह संधि आपसी भरोसे और सहयोग की भावना पर आधारित थी, लेकिन पाकिस्तान ने इन मूल सिद्धांतों को कमजोर किया। यह निर्णय पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा उठाए गए कूटनीतिक कदमों का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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