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इटली में विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, नागरिकों को भीड़ से दूर रहने की चेतावनी

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इटली में विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, नागरिकों को भीड़ से दूर रहने की चेतावनी

सारांश

इटली के कई शहरों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़कने के बाद भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की। मिलान में पुलिस पर पत्थर, बोलोग्ना में रेलवे स्टेशन बंद — और प्रधानमंत्री मेलोनी ने उपद्रवियों को सीधे 'गुंडे' कहा।

मुख्य बातें

भारतीय दूतावास, रोम ने 19 अक्टूबर 2026 को इटली में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की।
एडवाइजरी में नागरिकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मिलान में पुलिस पर पत्थर फेंके गए, ट्यूरिन में हथौड़े ले जा रहे लोग पकड़े गए, बोलोग्ना में रेलवे स्टेशन अस्थायी रूप से बंद हुआ।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक्स पर पोस्ट कर सुरक्षाबलों के प्रति एकजुटता जताई और उपद्रवियों को 'गुंडे' कहा।
मेलोनी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों का सम्मान करते हुए विपक्ष से हिंसा की निंदा करने का आह्वान किया।

इटली में भारतीय दूतावास ने 19 अक्टूबर 2026 को देश में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की, जिसमें चल रहे विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के मद्देनज़र सावधानी बरतने तथा भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने का आग्रह किया गया है। यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब इटली के कई प्रमुख शहरों में प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं।

दूतावास की एडवाइजरी में क्या कहा गया

दूतावास ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि पिछले सप्ताह इटली के कुछ शहरों में विरोध प्रदर्शन और रैलियाँ आयोजित हुई हैं। दूतावास ने भारतीय नागरिकों को सलाह दी कि वे सावधानी बरतें, प्रदर्शन स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचें तथा स्थानीय समाचारों पर नज़र बनाए रखें।

इटली की प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रविवार, 18 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि 'एक बार फिर, कानून प्रवर्तन बलों के महिला और पुरुष कर्मियों को अपराधियों की हिंसा का सामना करना पड़ा है।' उन्होंने नागरिकों, श्रमिकों, व्यापारियों और अपने शहरों को सुरक्षित रखने के लिए तैनात सुरक्षाकर्मियों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।

मेलोनी ने यह भी कहा, 'मैं उन सभी के प्रति पूरी एकजुटता और हार्दिक आभार व्यक्त करती हूँ, क्योंकि वे नागरिकों की सुरक्षा के लिए वहाँ मौजूद थे जिन्हें बिना किसी डर के अपने शहर में रहने का अधिकार है।' उन्होंने प्रदर्शनों का फ़ायदा उठाने वाले उपद्रवियों को 'गुंडे' करार दिया।

प्रमुख शहरों में हिंसा की घटनाएँ

मेलोनी ने खुलासा किया कि मिलान में पुलिस बलों पर पत्थर फेंके गए और कई अधिकारी घायल हुए। ट्यूरिन में पत्थर और खिड़की तोड़ने वाले हथौड़े ले जा रहे लोगों को रोका गया, जबकि बोलोग्ना में फैली अशांति के कारण रेलवे स्टेशन को एहतियातन बंद करना पड़ा।

गौरतलब है कि शनिवार, 17 अक्टूबर को भी मेलोनी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों के प्रति सम्मान जताया था और विपक्ष से हिंसक घटनाओं की निंदा करने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था, 'आज शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले हज़ारों लोगों के प्रति मेरे मन में गहरा सम्मान है, जिनमें सीजीआईएल द्वारा बुलाए गए आंदोलन में भाग लेने वाले लोग भी शामिल हैं — प्रदर्शन किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र की नींव है।'

आम जनता और भारतीय समुदाय पर असर

इटली में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक — विद्यार्थी, कामगार और पर्यटक — मौजूद हैं। दूतावास की एडवाइजरी विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो प्रभावित शहरों में हैं या यात्रा की योजना बना रहे हैं। सलाह दी गई है कि वे स्थानीय प्राधिकरणों के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क करें।

आगे की स्थिति

इटली सरकार ने संकेत दिया है कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून प्रवर्तन बलों की तैनाती जारी रहेगी। भारतीय दूतावास ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी घटना की सूचना तुरंत दूतावास को दें और स्थानीय समाचार माध्यमों पर नज़र बनाए रखें। स्थिति की निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे इटली की आंतरिक राजनीतिक उथल-पुथल की परछाईं साफ़ दिखती है — जहाँ मेलोनी सरकार श्रमिक संगठनों और वामपंथी आंदोलनों से बढ़ते टकराव का सामना कर रही है। ध्यान देने योग्य है कि मेलोनी ने एक ही बयान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों का सम्मान किया और उपद्रवियों को 'गुंडे' कहा — यह राजनीतिक संतुलन की कोशिश है, न कि केवल कानून-व्यवस्था की चिंता। भारतीय नागरिकों के लिए असली प्रश्न यह है कि क्या दूतावास के पास इटली की स्थानीय प्रशासन से वास्तविक समय की जानकारी साझा करने का तंत्र है — खासकर ऐसे समय में जब हिंसा का दायरा कई शहरों तक फैल चुका है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इटली में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी क्यों जारी की?
इटली के कई शहरों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़कने के बाद भारतीय दूतावास ने 19 अक्टूबर 2026 को एडवाइजरी जारी की। दूतावास ने नागरिकों को सावधानी बरतने और प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने की सलाह दी।
इटली में कौन-कौन से शहर प्रभावित हुए हैं?
मिलान, ट्यूरिन और बोलोग्ना में हिंसा की घटनाएँ सामने आई हैं। मिलान में पुलिस पर पत्थरबाज़ी हुई, ट्यूरिन में संदिग्धों को रोका गया और बोलोग्ना में रेलवे स्टेशन एहतियातन बंद करना पड़ा।
भारतीय नागरिकों को इटली में क्या करना चाहिए?
भारतीय दूतावास ने नागरिकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रदर्शन स्थलों से बचने की सलाह दी है। उन्हें स्थानीय समाचारों पर नज़र रखनी चाहिए और किसी आपात स्थिति में तुरंत दूतावास से संपर्क करना चाहिए।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रदर्शनों पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक्स पर पोस्ट कर सुरक्षाबलों के प्रति एकजुटता जताई और हिंसा में लिप्त लोगों को 'गुंडे' कहा। साथ ही उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान करते हुए विपक्ष से हिंसा की निंदा करने की अपील की।
सीजीआईएल क्या है और इसका प्रदर्शनों से क्या संबंध है?
सीजीआईएल (CGIL) इटली का एक प्रमुख वामपंथी श्रमिक संगठन है, जिसने इन प्रदर्शनों का आह्वान किया था। मेलोनी ने स्वयं कहा कि इस आंदोलन में वामपंथी नेताओं ने भाग लिया, हालाँकि हिंसा को उन्होंने अलग उपद्रवी तत्वों का काम बताया।
राष्ट्र प्रेस
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