इटली में महंगाई और रक्षा खर्च के खिलाफ प्रदर्शन जारी, रोम-बोलोग्ना-ट्यूरिन में पुलिस से झड़प
सारांश
मुख्य बातें
इटली के कई प्रमुख शहरों में 25 अक्टूबर 2026 को बढ़ती महंगाई, सैन्य विस्तार और रक्षा खर्च बढ़ाने के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जिनमें रोम, बोलोग्ना और ट्यूरिन में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं। इटली के मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार शाम तक विरोध की यह लहर थमने का नाम नहीं ले रही थी।
मुख्य घटनाक्रम
रोम में शनिवार दोपहर प्रदर्शनकारी पियाजा डेला रिपब्लिका से युद्ध-विरोधी मार्च के लिए निकले। रिपोर्टों के अनुसार, शाम होते-होते शहर के केंद्र में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव शुरू हो गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
बोलोग्ना में भी कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संघर्ष हुआ। इटली के अखबार 'कोरिएरे डेला सेरा' के मुताबिक, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मदद के लिए 17 कॉल मिलीं, जिनमें से 6 लोगों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुँचाना पड़ा।
ट्यूरिन में शनिवार शाम हुए टकराव में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पटाखे और बोतलें फेंकीं, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग किया। यहाँ प्रदर्शनकारियों का मुख्य गुस्सा बढ़ते सैन्य खर्च और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर था।
पिछले सप्ताहांत की हिंसा और सरकार की प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि पिछले सप्ताहांत हुए प्रदर्शनों के दौरान, विशेषकर मिलान में, हालात हिंसक हो गए थे और लूटपाट की घटनाएँ भी सामने आई थीं। इसके बाद इटली के गृह मंत्री माटेओ पियान्टेदोसी ने पूरे देश में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का आदेश दिया। विशेष रूप से उन बड़े शहरों में सुरक्षा बढ़ाई गई जहाँ सबसे अधिक रैलियों की आशंका थी।
प्रधानमंत्री मेलोनी की निंदा
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने शनिवार शाम सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से हिंसा की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, 'हर किसी की सुरक्षा की गारंटी होनी चाहिए — चाहे वे लोग हों जो शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना चाहते हैं, काम पर जाने वाले लोग हों या वे नागरिक जो अपने शहरों में बिना डर के रहना चाहते हैं।'
मेलोनी ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग केवल टकराव और हिंसा फैलाना चाहते हैं, उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पूरे यूरोप में महंगाई और रक्षा बजट विस्तार को लेकर जन असंतोष बढ़ रहा है। इटली में यह लगातार दूसरा सप्ताहांत है जब प्रमुख शहरों में हिंसक झड़पें हुई हैं, जिससे सरकार पर दबाव और बढ़ गया है।
यदि विरोध का यह सिलसिला जारी रहा, तो मेलोनी सरकार को अपनी रक्षा व्यय नीति और महंगाई नियंत्रण उपायों पर फिर से विचार करने का दबाव झेलना पड़ सकता है।