मिलान हिंसा के बाद 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती, लग्जरी स्टोर बंद; साल्विनी का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
इटली के मिलान शहर में सप्ताहांत के दौरान भड़की हिंसा के बाद उप प्रधानमंत्री मातेओ साल्विनी ने 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का ऐलान किया है, ताकि शहर में कानून-व्यवस्था बहाल की जा सके। हिंसा की दोबारा आशंका को देखते हुए मिलान के प्रतिष्ठित लग्जरी शॉपिंग इलाकों में दुकानें समय से पहले बंद कर दी गईं और शोकेस से कीमती सामान हटा लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
शनिवार, 18 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ प्रदर्शन शुरुआत में शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में कई इलाकों में हालात बेकाबू हो गए। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने कूड़ेदानों में आग लगाई, पुलिस पर पत्थर फेंके और दुकानों में लूटपाट की। सार्वजनिक व निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुँचाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, रविवार को हिंसा के दौरान 271 युवाओं को पुलिस हिरासत में लिया गया। इनमें से 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 23 नाबालिग और 13 विदेशी नागरिक शामिल थे। इसके अलावा 28 लोगों के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट दर्ज की गई। शनिवार को उत्तरी इटली के अन्य शहरों में हुई घटनाओं में 28 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया था।
लग्जरी इलाकों पर असर
मिलान इटली का प्रमुख वित्तीय और फैशन केंद्र है। शहर के प्रसिद्ध वाया मोंटेनापोलियोने इलाके में शैनल, टिफनी और दिओर जैसे अंतरराष्ट्रीय लग्जरी ब्रांडों के स्टोर स्थित हैं। हिंसा दोबारा भड़कने की आशंका से सोमवार, 20 अक्टूबर को कई दुकानों ने समय से पहले शटर गिरा दिए। कुछ स्टोरों की खिड़कियों को लकड़ी और गत्ते से ढका गया, जबकि कई ने अपने शोकेस से महंगे सामान हटा लिए।
गौरतलब है कि मिलान जैसे शहरों में लग्जरी ब्रांडों की उपस्थिति यूरोप की सबसे घनी है और इस तरह की हिंसा से पर्यटन एवं व्यापार पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है।
सरकार की प्रतिक्रिया
उप प्रधानमंत्री मातेओ साल्विनी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिक भेजे जाएंगे। इस तैनाती को मंगलवार, 21 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में सुरक्षा उपायों के पैकेज के तहत औपचारिक मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए सोमवार को मंत्रियों और सुरक्षा अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। सरकार नाबालिगों से जुड़ी हिंसक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और युवा गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नाबालिगों को एहतियातन हिरासत में रखने की अवधि बढ़ाने पर भी मंथन हो रहा है।
व्यापक प्रसार
यह हिंसा केवल मिलान तक सीमित नहीं रही। बोलोन्या, ब्रेसिया, बर्गामो और ट्यूरिन सहित उत्तरी इटली के कई शहरों में भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप के कई देशों में युवा गिरोहों से जुड़ी हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं, जो नीति-निर्माताओं के लिए एक साझा चुनौती बन चुकी है।
पुलिस ने शहर के प्रमुख इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में सरकार के कदमों और कैबिनेट बैठक के निर्णयों पर सबकी नज़र रहेगी।