यूरोप में महंगाई के खिलाफ उबाल: फ्रांस में 4,10,000 प्रदर्शनकारी, 1,000 गिरफ्तार; इटली-स्पेन-अल्बानिया में भी हिंसा
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस, इटली, स्पेन और अल्बानिया में 25 अक्टूबर 2026 को एक साथ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन भड़क उठे, जब लाखों लोग बढ़ती महंगाई, आसमान छूती आवास कीमतों और जीवनयापन की बिगड़ती स्थिति के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। अकेले फ्रांस में 4,10,000 से अधिक प्रदर्शनकारी सक्रिय रहे और पुलिस ने लगभग 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया। यह एक साथ कई यूरोपीय देशों में उठी जन-असंतोष की सबसे बड़ी लहरों में से एक मानी जा रही है।
फ्रांस में हिंसक रूप लेता प्रदर्शन
फ्रांस में दिनभर के ज़्यादातर शांतिपूर्ण प्रदर्शन रात होते-होते पेरिस समेत कई शहरों में हिंसक हो गए। मुख्य मार्च समाप्त होने के बाद पेरिस में करीब 500 नकाबपोश युवाओं और दंगा-रोधी पुलिस के बीच तीखा टकराव हुआ। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस और वॉटर कैनन का सहारा लेना पड़ा।
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि पूरे देश में 289 स्थानों पर प्रदर्शन हुए और 70,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। उन्होंने कहा कि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और गिरफ्तारियों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि अभी सभी आंकड़े पूरी तरह सामने नहीं आए हैं। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भी पूरे देश में दंगे और लूटपाट की घटनाएँ हुई थीं, जिससे यह प्रदर्शन किसी एकल घटना नहीं, बल्कि एक गहरे असंतोष की कड़ी प्रतीत होती है।
इटली में सैनिकों की तैनाती, बोलोग्ना में झड़पें
इटली के मिलान में प्रदर्शनकारियों की बड़ी तादाद को देखते हुए सैकड़ों सैनिकों को तैनात किया गया। बोलोग्ना में कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की खबरें सामने आईं। रिपोर्टों के अनुसार, इटली में विरोध की मुख्य वजह भी बढ़ती आवास लागत और सामाजिक असमानता है।
स्पेन में लूटपाट और आगज़नी
स्पेन के बार्सिलोना में सरकार-विरोधी प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने दुकानों में लूटपाट की और शहर के केंद्रीय इलाके प्लाजा दे कातालुन्या के आसपास सार्वजनिक संपत्ति को आग के हवाले कर दिया। वहीं, मैड्रिड में हजारों सेवानिवृत्त लोगों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने मार्च निकालकर सम्मानजनक पेंशन की माँग की।
अल्बानिया में कृषि मंत्रालय पर हमला
अल्बानिया में प्रदर्शनकारियों ने कृषि मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर आग लगा दी, जो इस देश में जन-असंतोष के एक नए और उग्र आयाम को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब अल्बानिया में भी जीवनयापन की लागत तेज़ी से बढ़ रही है।
व्यापक संदर्भ और आगे की स्थिति
यूरोप के कई देशों में एक साथ उठे इस जन-आक्रोश की जड़ें महाद्वीप-व्यापी आर्थिक दबाव में हैं — आवास की बढ़ती कीमतें, ऊर्जा और खाद्य महंगाई, और स्कूलों समेत सार्वजनिक सेवाओं का बिगड़ता स्तर। विश्लेषकों के अनुसार, यह विरोध लहर यूरोपीय सरकारों के लिए एक गंभीर संकेत है कि मध्यम वर्ग और निम्न-आय वर्ग के बीच आर्थिक असंतोष अब चुनावी नतीजों और सामाजिक स्थिरता दोनों को प्रभावित कर सकता है। फ्रांस में पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और हालात पर नज़र बनाए हुए हैं।