मार्सेय में दोपहर से रात 8 बजे तक सभी प्रदर्शन और सभाएँ प्रतिबंधित, मैक्रों का कड़ी कार्रवाई का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिणी फ्रांस के बुशेस डू रोन पुलिस प्रीफेक्चर ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को मार्सेय शहर में दोपहर से रात 8 बजे (स्थानीय समय) तक सभी प्रकार की सभाओं और प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। यह निर्णय 17 अक्टूबर को भड़की हिंसा, लूटपाट और व्यापक सामाजिक अशांति की पृष्ठभूमि में लिया गया है, जिसने पूरे फ्रांस को हिला कर रख दिया।
मुख्य घटनाक्रम
यह प्रतिबंध आदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से जारी किया गया। शनिवार को देशभर में हुए प्रदर्शनों में कथित तौर पर लगभग 5,50,000 लोग सड़कों पर उतरे — जिनमें किसान, ट्रेड यूनियन सदस्य, जलवायु कार्यकर्ता और छात्र शामिल थे। ये सभी ईंधन की ऊँची कीमतों, महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं में कटौती के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे। प्रदर्शन जल्द ही हिंसक झड़पों में तब्दील हो गए।
फ्रांसीसी गृह मंत्रालय के अनुसार, 997 पुलिस अधिकारी और सुरक्षाकर्मी घायल हुए, जिनमें से सात की हालत गंभीर बताई जा रही है। पूरे देश में 2,397 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
मैक्रों की प्रतिक्रिया
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को एक्स पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि फ्रांस में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा: "जिन लोगों ने तोड़फोड़ की है, सरकारी कार्यालयों और व्यवसायों पर हमले किए हैं, और यहाँ तक कि हमारे टाउन हॉल में लूटपाट भी की — उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन पर मुकदमा चलाया जाएगा और सज़ा भी दी जाएगी।" मैक्रों ने 17 अक्टूबर की हिंसा में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का संकल्प दोहराया है।
यूरोप में व्यापक सामाजिक अशांति
यह अशांति केवल फ्रांस तक सीमित नहीं रही। उत्तरी इटली के मिलान में काले कपड़े पहने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पियाजा डेल डुओमो को घेरकर पुलिस पर हमला किया। इतालवी समाचार एजेंसी एएनएसए के अनुसार, इस दौरान चार पुलिस अधिकारी और 20 प्रदर्शनकारी घायल हुए, जबकि लगभग 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जहाँ छात्र और उनके समर्थक शिक्षा सुधारों तथा बढ़ती लागत के विरोध में उतरे थे। पुर्तगाल में लिस्बन, पोर्टो और कोइम्ब्रा समेत कई शहरों में हज़ारों लोगों ने किफायती आवास की माँग को लेकर रैलियाँ कीं। प्रदर्शनकारियों ने लिस्बन के मुख्य चौक पर दर्जनों तंबू लगाए और 'वल्चर रियल एस्टेट फंड' पर प्रतिबंध लगाने की माँग की, जिन पर संपत्ति की कीमतों में कृत्रिम उछाल को बढ़ावा देने का आरोप है।
यूरोपीय नेताओं की प्रतिक्रिया
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने शनिवार को इस अराजकता की कड़ी निंदा की। उन्होंने एक्स पर लिखा: "प्रदर्शन करना एक अधिकार है, लेकिन हमारे शहरों में आग लगाना नहीं।" प्रदर्शनकारियों को 'गुंडे' बताते हुए उन्होंने कहा कि जो चुप रहता है, वह इसे सही ठहराता है। कई अन्य यूरोपीय नेताओं ने भी हिंसा की निंदा करते हुए उपद्रवियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह अशांति ऐसे समय में आई है जब पूरा यूरोप महंगाई, आवास संकट और सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली से जूझ रहा है। मार्सेय पर लगाया गया यह प्रतिबंध तत्काल राहत दे सकता है, परंतु विश्लेषकों का मानना है कि जब तक आर्थिक असंतोष के मूल कारणों का समाधान नहीं होगा, सामाजिक तनाव बना रहेगा। फ्रांसीसी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि स्थिति के अनुसार प्रतिबंधों की समीक्षा की जाएगी।