फ्रांस में नए कर्फ्यू का ऐलान, PM लेकोर्नू बोले — हालात के अनुसार होगा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि जहाँ भी हालात बिगड़ेंगे, वहाँ लक्षित कर्फ्यू लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोमवार रात से कई शहरों में लगाए गए कर्फ्यू के चलते स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में आई है। यह फैसला पेरिस, लियोन, नीस, लिले और अन्य शहरों में शनिवार को हुई हिंसक झड़पों और व्यापक लूटपाट के बाद लिया गया है।
पीएम लेकोर्नू का बयान
प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'लक्षित कर्फ्यू ने रात की शांति बनाए रखने में योगदान दिया है। मैं उन पुलिस अधिकारियों और जेंडरमेरी को धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने इसे लागू करना सुनिश्चित किया, साथ ही प्रीफेक्ट्स को उनकी सक्रियता के लिए शुक्रिया।' उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे के कर्फ्यू के निर्णय स्थानीय प्रीफेक्ट्स और मेयरों के समन्वय से लिए जाएंगे।
किन शहरों में लागू हुआ कर्फ्यू
पेरिस के दो संवेदनशील इलाकों — रिपब्लिक स्क्वायर और चेटलेट-ले-हाले — में सोमवार रात 11 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे (स्थानीय समयानुसार) तक कर्फ्यू प्रभावी रहा। इन दोनों क्षेत्रों में सोमवार शाम 8 बजे से ही सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, क्योंकि सप्ताहांत में यहाँ लूटपाट की घटनाएँ हुई थीं।
लियोन के मध्य क्षेत्र में भी कर्फ्यू लगाया गया, जहाँ शनिवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पर्यटक कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया था। लियोन के कुछ हिस्सों में सोमवार शाम 6 बजे (स्थानीय समय) से सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगी। नीस में सोमवार रात 9 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू रहा, हालाँकि वहाँ यह प्रतिबंध केवल बिना अभिभावक के मौजूद नाबालिगों पर था।
लिले, दौआई, वाटिग्नीज और डेनैन शहरों में भी बिना अभिभावक वाले नाबालिगों के लिए सोमवार रात 8 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू किया गया।
हिंसा और गिरफ्तारियाँ
रविवार को गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि शनिवार को पूरे फ्रांस में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान 2,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह आँकड़ा पिछले कई वर्षों में एक ही दिन की सबसे बड़ी गिरफ्तारी कार्रवाइयों में से एक है।
गौरतलब है कि शनिवार को पेरिस और अन्य प्रमुख फ्रांसीसी शहरों में बढ़ती महंगाई के विरोध में निकाले गए राष्ट्रव्यापी मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर आगजनी की और लुटेरों ने दुकानों में तोड़फोड़ कर उन्हें खाली कर दिया।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब फ्रांस में आर्थिक असंतोष लंबे समय से सुलग रहा है और सरकार की नीतियों के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री लेकोर्नू के बयान से स्पष्ट है कि अगले कुछ दिनों तक अतिरिक्त कर्फ्यू लगने की संभावना बनी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय प्रशासन के स्तर पर लिए जाने वाले फैसले अगले चरण की प्रतिक्रिया तय करेंगे।