इटली PM जॉर्जिया मेलोनी ने सुरक्षा बलों की सराहना की, बोलीं — प्रदर्शन और सुरक्षा दोनों का अधिकार अटूट
सारांश
मुख्य बातें
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 25 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर देशभर में प्रदर्शनों के बीच शांति बनाए रखने वाले पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों का शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का अधिकार जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही उनका अपने शहरों में सुरक्षित माहौल में रहने का अधिकार भी।
मेलोनी का बयान: क्या कहा एक्स पर
मेलोनी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'मैं उन सभी महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों का धन्यवाद करना चाहती हूँ, जिन्होंने आज भी इटली के विभिन्न शहरों और सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए काम किया — कुछ हिंसक तत्वों की ओर से झड़प और अव्यवस्था फैलाने की कोशिशों के बावजूद।'
उन्होंने गृह मंत्री माटेओ पियान्टेदोसी, प्रीफेक्ट्स, क्वेस्टर्स और समन्वय में शामिल सभी अधिकारियों का भी नाम लेकर धन्यवाद किया। मेलोनी ने कहा कि हाल ही में मंत्रिपरिषद की ओर से मंजूर किए गए नए कदम राज्य को हिंसा रोकने के लिए अधिक प्रभावी साधन देंगे, ताकि उपद्रवियों को पूरे शहरों में अराजकता फैलाने से रोका जा सके।
प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि
इटली के मीडिया के अनुसार, शनिवार शाम कई शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों का मुख्य विरोध बढ़ती महंगाई, सेना के विस्तार और रक्षा खर्च बढ़ाने की सरकारी नीतियों के खिलाफ था। रोम में प्रदर्शनकारी पियाजा डेला रिपब्लिका से युद्ध-विरोधी मार्च निकालकर शहर के केंद्र की ओर बढ़े।
शाम होते-होते स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें शुरू हो गईं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। बोलोग्ना और ट्यूरिन में भी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव की खबरें आईं।
ट्यूरिन और बोलोग्ना की स्थिति
ट्यूरिन में प्रदर्शनकारियों का मुख्य विरोध बढ़ते सैन्य खर्च और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर था। बोलोग्ना में भी कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। यह ऐसे समय में हुआ है जब पूरे यूरोप में रक्षा व्यय और महंगाई को लेकर जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है।
सरकार का रुख: नए कानूनी उपाय
मेलोनी ने स्पष्ट किया कि मंत्रिपरिषद द्वारा हाल में मंजूर किए गए कदमों का उद्देश्य शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा करना है, साथ ही उन लोगों पर लगाम लगाना है जो हिंसा और टकराव को ही अपना एकमात्र लक्ष्य मानते हैं। उन्होंने कहा, 'हमें उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं छोड़नी चाहिए जिनका मकसद सिर्फ टकराव और हिंसा फैलाना है।'
गौरतलब है कि इटली में प्रदर्शनों की यह लहर ऐसे समय में आई है जब यूरोपीय देशों में नाटो के लिए रक्षा खर्च बढ़ाने की माँग और घरेलू महंगाई का दबाव एक साथ बढ़ रहे हैं। आने वाले हफ्तों में सरकार के नए सुरक्षा उपायों पर संसदीय बहस अपेक्षित है।