मिलान हिंसा के बाद PM मेलोनी ने पुलिसकर्मियों से मुलाकात की, एक्स पर जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रविवार, 19 अक्टूबर 2026 को मिलान में हुई हिंसक झड़पों के एक दिन बाद पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों से मुलाकात कर उनका आभार जताया। मेलोनी ने संगठित उपद्रवियों की हिंसा का सामना करने वाले सुरक्षाकर्मियों की खुलकर सराहना की और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस मुलाकात की तस्वीर साझा की।
मेलोनी का बयान और एक्स पोस्ट
मेलोनी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'एक बार फिर, सुरक्षा एजेंसियों के कर्मियों को उन अपराधियों की हिंसा का सामना करना पड़ा, जो संगठित समूहों के ज़रिए प्रदर्शनों का इस्तेमाल टकराव पैदा करने और अराजकता फैलाने के लिए करते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं उनके प्रति अपना पूरा समर्थन जताती हूं और उन्हें दिल से धन्यवाद देती हूं। वे वहां नागरिकों, कामगारों, व्यापारियों और उन सभी लोगों की सुरक्षा के लिए मौजूद थे, जिन्हें अपने शहर में बिना किसी डर के रहने का अधिकार है — बिना यह देखे कि गुंडों की टोलियां उनके शहर को बर्बाद कर रही हैं या उसमें आग लगा रही हैं। हम आपके साथ खड़े हैं।'
मिलान में क्या हुआ
शनिवार, 18 अक्टूबर 2026 को मिलान के मध्यवर्ती इलाके में महंगाई समेत अन्य मुद्दों को लेकर निकाला गया मार्च शुरुआत में शांतिपूर्ण था। कथित तौर पर नकाबपोश प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने दंगा नियंत्रण पुलिस पर पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकी, जिसके बाद झड़प हिंसक हो गई। दुकानों में लूटपाट और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।
हिंसा की वजह से अधिकारियों को पियाजा डेल डुओमो और एक प्रमुख शॉपिंग आर्केड को खाली कराना पड़ा — ये दोनों स्थान आमतौर पर बड़ी संख्या में खरीदारों और पर्यटकों से भरे रहते हैं। घटनास्थल की तस्वीरों में काराबिनिएरी पुलिस का एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त नज़र आया।
पुलिस कार्रवाई और हिरासत
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले छोड़े। समाचार एजेंसी 'लाप्रेस' के अनुसार, इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हुए और नाबालिगों सहित लगभग 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में आई है जब पूरे यूरोप में महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को लेकर जनाक्रोश उबाल पर है। गौरतलब है कि मेलोनी की दक्षिणपंथी सरकार पहले से ही विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों के निशाने पर रही है। आलोचकों का कहना है कि सरकार की आर्थिक नीतियां आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं, जबकि सरकार का तर्क है कि उपद्रवी तत्व शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हाईजैक कर रहे थे।
आगे क्या
इतालवी अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। मेलोनी सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह संसद में इस हिंसा पर बयान दे और सुरक्षाबलों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की घोषणा करे। विश्लेषकों के अनुसार यह घटना इटली में आगामी हफ्तों में सामाजिक तनाव की बड़ी तस्वीर का हिस्सा बन सकती है।