ईरान में 74 दिन से इंटरनेट ब्लैकआउट, सरकार बोली — संघर्ष खत्म होते ही बहाल होगी सेवा
सारांश
74 दिन, 1,752 घंटे — ईरान की इंटरनेट बंदी इतिहास की सबसे लंबी बंदियों में शुमार हो चुकी है। सरकार ने वादा किया है कि संघर्ष खत्म होते ही सेवा बहाल होगी, लेकिन आईआरजीसी के समुद्री केबल टैक्स प्लान ने गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी वैश्विक कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है।
मुख्य बातें
ईरान में 28 फरवरी 2026 से जारी इंटरनेट ब्लैकआउट 74 दिन यानी 1,752 घंटे से अधिक पुराना हो चुका है।
सरकारी प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने कहा — संघर्ष समाप्त होते ही इंटरनेट सामान्य किया जाएगा।
99% से अधिक आबादी के लिए वैश्विक इंटरनेट बंद; केवल सरकारी 'नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क' (इंट्रानेट) सक्रिय।
अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमले के बाद 28 फरवरी से इंटरनेट सेवा बाधित है।
कथित तौर पर आईआरजीसी समुद्र के नीचे बिछे केबल पर टैक्स लगाने की योजना बना रहा है, जिससे गूगल , मेटा और माइक्रोसॉफ्ट चिंतित बताए जा रहे हैं।
ईरान की सरकार ने 12 मई 2026 को स्पष्ट किया कि देश में जारी सशस्त्र संघर्ष समाप्त होने के बाद इंटरनेट सेवा को पूरी तरह सामान्य कर दिया जाएगा। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेट ब्लॉक्स के अनुसार, 1,752 घंटे से अधिक समय से ईरान के आम नागरिक वैश्विक इंटरनेट से कटे हुए हैं — यह 74 दिनों की बंदी इतिहास की सबसे लंबी इंटरनेट ब्लैकआउट में से एक मानी जा रही है।
सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया
सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने इंटरनेट सेवा बहाली का ऐलान करते हुए कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
न कि स्वतंत्र नागरिक सेवा। इतिहास की इस सबसे लंबी बंदियों में से एक के बाद भी जवाबदेही का कोई ढाँचा सामने नहीं आया है।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ईरान में इंटरनेट बंदी कब से जारी है?
ईरान में इंटरनेट बंदी 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमले के बाद शुरू हुई। 12 मई 2026 तक यह 74 दिन यानी 1,752 घंटे से अधिक समय तक जारी रही।
ईरान सरकार ने इंटरनेट बहाली के बारे में क्या कहा?
सरकारी प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने कहा कि जब संघर्ष की स्थिति सामान्य होगी, तब इंटरनेट सेवा भी बहाल की जाएगी। उन्होंने इंटरनेट को नागरिक अधिकार बताया और कहा कि सरकार भेदभाव और अन्याय का विरोध करती है।
ईरान में इंटरनेट बंद होने पर आम लोगों को क्या उपलब्ध है?
बंदी के दौरान केवल सरकारी-स्वीकृत वेबसाइटें और 'नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क' (इंट्रानेट) ही सक्रिय है। सोशल मीडिया, वीपीएन और विदेशी वेबसाइट्स पर कड़ा प्रतिबंध लगाया गया है।
आईआरजीसी का समुद्री केबल टैक्स प्लान क्या है?
कथित तौर पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) एक तीन-चरणीय योजना पर काम कर रहा है जिसके तहत समुद्र के नीचे बिछे इंटरनेट केबल पर टैक्स लगाया जा सकता है। इससे गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियाँ प्रभावित हो सकती हैं।
क्या ईरान में पहले भी इंटरनेट बंद किया गया है?
हाँ, इससे पहले जनवरी आंदोलन के दौरान भी ईरान में इंटरनेट सेवा बाधित की गई थी। हालाँकि फरवरी 2026 से जारी मौजूदा बंदी को इतिहास की सबसे लंबी इंटरनेट बंदियों में से एक बताया जा रहा है।