16 जुलाई 2026
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ईरान का 100 साल पुराना मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला, इमारत पूरी तरह से तबाह

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ईरान का 100 साल पुराना मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला, इमारत पूरी तरह से तबाह

सारांश

तेहरान में 100 साल पुराना मेडिकल रिसर्च सेंटर एक हमले का शिकार हुआ है, जिससे यह पूरी तरह नष्ट हो गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक गंभीर हमला बताया है।

मुख्य बातें

ईरान का 100 साल पुराना मेडिकल रिसर्च सेंटर पूरी तरह तबाह हो गया है।
यह हमला वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा हमला है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ध्यान देने की अपील की है।
संस्थान की स्थापना 1920 में हुई थी और यह दवा विकास में महत्वपूर्ण रहा है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का निर्णय लिया है।

तेहरान, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए यह दावा किया है कि राजधानी में स्थित 100 साल पुराना मेडिकल रिसर्च सेंटर पर एक गंभीर हमला हुआ है, जिससे यह पूरी तरह से तबाह हो गया है। इन तस्वीरों को 'पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ईरान' के रूप में पहचाना गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपोर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस आक्रामकता पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने इसे वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली पर एक सीधा हमला बताया।

उन्होंने लिखा, "वैश्विक स्वास्थ्य का एक सदी पुराना स्तंभ और इंटरनेशनल पाश्चर नेटवर्क का सदस्य ईरानी पाश्चर इंस्टीट्यूट के खिलाफ की गई आक्रामकता, वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा हमला है। यह जिनेवा कन्वेंशन और आईएचएल के सिद्धांतों का उल्लंघन है।"

उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (आईएचएल) को टैग करते हुए कहा, "हम डब्ल्यूएचओ, आईसीआरसी और वैश्विक स्वास्थ्य संस्थाओं से निवेदन करते हैं कि वे इस हमले की निंदा करें, नुकसान का आकलन करें और पुनर्निर्माण में सहायता करें।"

यह संस्थान 1920 में स्थापित हुआ था और देश में मेडिकल रिसर्च और दवा विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। तस्वीरों में इमारत के कई हिस्से पूरी तरह से तबाह दिख रहे हैं, जबकि कुछ मलबे में बदल चुके हैं।

28 फरवरी को यूएस-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई से उत्पन्न संघर्ष में ईरान को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा है। बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और कई बड़े नेता जैसे सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई इस हमले का शिकार हुए हैं। ईरान भी जवाबी कार्रवाई में गल्फ देशों में स्थित अमेरिकी प्रतिष्ठानों और सैन्य बेस को निशाना बना रहा है।

संघर्ष के चौथे सप्ताह में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि वाशिंगटन ने "ईरानी सेना को तबाह कर दिया है" और वह अपने युद्ध के लक्ष्यों को प्राप्त करने के करीब है। इसके बाद से ही ईरान ने इजरायल पर मिसाइलों से लगातार हमले शुरू कर दिए हैं। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि उनके देश का अमेरिका, यूरोप या पड़ोसी देशों के प्रति कोई बैर-भाव नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के मेडिकल रिसर्च सेंटर पर हमला कब हुआ?
यह हमला 2 अप्रैल को हुआ।
इस हमले में किस संस्थान को निशाना बनाया गया?
हमले का निशाना 'पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ईरान' था।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस हमले को कैसे वर्णित किया?
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा हमला बताया।
इस सेंटर की स्थापना कब हुई थी?
इस सेंटर की स्थापना 1920 में हुई थी।
क्या ईरान ने इस हमले का जवाब दिया?
जी हाँ, ईरान ने गल्फ देशों में अमेरिकी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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