क्या ईरान में जेनजी प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी से ट्रंप भड़के?
सारांश
Key Takeaways
- जेनजी का विरोध प्रदर्शन आर्थिक मुद्दों पर आधारित है।
- ईरान में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है।
- ट्रंप का अमेरिका की मदद का प्रस्ताव।
- ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के दखल पर चेतावनी दी है।
- महंगाई दर 42.2% तक पहुंच चुकी है।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान में जेनजी का विरोध प्रदर्शन पिछले चार दिनों से जारी है। महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर जेनजी ने शुक्रवार को लगातार पांचवे दिन सड़कों पर उतरने का निर्णय लिया है। इस विरोध-प्रदर्शन में अब तक छह लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, "यदि ईरान शांति से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोली चलाता है और उन्हें बुरी तरह मारता है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए तैयार है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।"
ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के दखल पर कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने कहा कि अमेरिकी हस्तक्षेप से पूरे क्षेत्र में अशांति फैल सकती है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सलाहकार अली शमखानी ने ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा को रेड लाइन बताया।
इस हफ्ते ईरान के लगभग 21 राज्यों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। कई स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ झड़पें हुईं, जिससे स्थिति हिंसक हो गई।
ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसी फार्स के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और वाहनों में आग लगा दी। पुलिस ने कुछ लोगों से हथियार भी जब्त किए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के लगभग 21 राज्यों में यह हिंसक विरोध बढ़ता जा रहा है। इसे 2022 के बाद से अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है, जिसका मुख्य कारण आर्थिक संकट है। करेंसी की वैल्यू लगातार गिर रही है और लोगों के पास रोजगार नहीं है, जिससे आक्रोश बढ़ रहा है।
हालांकि ईरान में धार्मिक मुद्दों पर कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं, लेकिन इस बार आर्थिक मुद्दों पर यह विरोध सुप्रीम लीडर के खिलाफ हो रहा है। ईरान में महंगाई दर 42.2% तक पहुंच चुकी है, खासतौर पर खाद्य पदार्थों की कीमतों में 72% की वृद्धि हुई है।