क्या ईरान में बढ़ती मौतों पर ईयू की चिंता उचित है?
सारांश
Key Takeaways
- ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
- यूरोपीय संघ ने मौतों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है।
- कतर ने अमेरिका की धमकी पर चिंता व्यक्त की है।
- ईयू ईरानी लोगों के साथ खड़ा है।
- कूटनीतिक समाधान की आशा बनी हुई है।
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान में पिछले दो हफ्तों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों का कोई अंत नहीं दिखाई दे रहा है। विभिन्न समाचार स्रोतों द्वारा मृतकों के आंकड़े बेहद खौफनाक बताए जा रहे हैं। इस पर यूरोपीय यूनियन ने गहरी चिंता व्यक्त की है।
यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे भयावह करार देते हुए ईरानी सुरक्षा बलों पर तीखी आलोचना की है। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "ईरान में मौतों की बढ़ती संख्या डरावनी है। मैं बल के अत्यधिक उपयोग और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर लगातार पाबंदियों की कड़ी निंदा करती हूं।"
उन्हेंने आगे कहा, "यूरोपीय यूनियन ने पहले ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को मानवाधिकार प्रतिबंधों की सूची में शामिल कर दिया है।"
लेयेन ने यह भी उल्लेख किया कि यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि और विदेश मामलों एवं सुरक्षा नीति की उपाध्यक्ष काया कलास के साथ मिलकर, दमन के लिए जिम्मेदार लोगों पर और प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव जल्द ही पेश किया जाएगा।
उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि ईयू आम ईरानी लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने पोस्ट के अंत में लिखा, "हम ईरान के लोगों के साथ हैं जो अपनी आज़ादी के लिए बहादुरी से संघर्ष कर रहे हैं।"
इस बीच, रॉयटर्स ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि मृतकों की संख्या दो हजार तक पहुँच चुकी है।
इसके अलावा, कतर के विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका की ईरान को दी गई धमकी पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि किसी भी तनाव के बढ़ने से... क्षेत्र और उसके बाहर विनाशकारी परिणाम होंगे, और इसलिए हम इससे जितना हो सके बचना चाहते हैं।"
अंसारी ने आगे कहा, "हम अभी भी मानते हैं कि इस स्थिति में कूटनीतिक समाधान निकल सकता है।"
उन्होंने यह भी कहा, "हम सभी पक्षों से संवाद में शामिल हैं, और अपने पड़ोसियों तथा क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक कूटनीतिक समाधान खोजने का प्रयास कर रहे हैं।"