ईरान में सुरक्षा परिषद का नया प्रमुख, मोहम्मद बाघेर जोलघदर नियुक्त

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ईरान में सुरक्षा परिषद का नया प्रमुख, मोहम्मद बाघेर जोलघदर नियुक्त

सारांश

ईरान ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का नया प्रमुख नियुक्त किया है। मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जो अली लारीजानी की जगह लेंगे, की नियुक्ति इस्लामिक क्रांति के नेता की मंजूरी से हुई है। जानिए लारीजानी की हत्या के बाद के घटनाक्रम।

मुख्य बातें

मोहम्मद बाघेर जोलघदर को नए सुरक्षा प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है।
वे अली लारीजानी की जगह लेंगे, जिनकी १७ मार्च को मृत्यु हुई थी।
लारीजानी की हत्या को कायरतापूर्ण कार्रवाई कहा गया है।
यह नियुक्ति इस्लामिक क्रांति के नेता की मंजूरी से हुई है।
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद देश की सुरक्षा और विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण है।

तेहरान, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नए प्रमुख के रूप में मोहम्मद बाघेर जोलघदर की नियुक्ति की है। वे अली लारीजानी की जगह लेंगे, जिनकी १७ मार्च को एक एयर स्ट्राइक में मृत्यु हो गई थी।

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, राष्ट्रपति कार्यालय ने पुष्टि की है कि मोहम्मद बाघेर जोलघदर को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव नियुक्त किया गया है।

इसकी घोषणा ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के संचार और सूचना के उप-प्रमुख मोहम्मद महदी तबातबाई ने मंगलवार को की। यह नियुक्ति इस्लामिक क्रांति के नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई की मंजूरी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के निर्देश पर की गई है।

जोलघदर, लारीजानी की जगह लेंगे। १७ मार्च को ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिव अली लारीजानी, उनके बेटे मोर्तेजा लारीजानी, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में आंतरिक सुरक्षा के उप-प्रमुख अलीरेजा बायात, और कई अंगरक्षकों की मृत्यु हो गई थी।

लारीजानी को ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) का सचिव माना जाता था और उन्हें देश की रक्षा, परमाणु और विदेश नीति के प्रमुख वास्तुकार के रूप में जाना जाता था।

इजरायली दावों के कुछ घंटों बाद, ईरानी विदेश मंत्रालय ने लारीजानी के मारे जाने की पुष्टि की थी। इस्लामिक गणतंत्र ईरान ने लारीजानी की हत्या को कायरतापूर्ण कार्रवाई करार दिया था।

इसमें कहा गया है कि लारीजानी की मृत्यु को हत्या नहीं, बल्कि शहादत माना गया, जो उन्होंने ईरान के लिए दी। वे तेहरान के एक रिहायशी इलाके में संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायली शासन द्वारा किए गए एक हमले के दौरान "शहीद हुए।"

मंत्रालय ने लारीजानी को एक समर्पित दार्शनिक, गहन विचारक, देशभक्त राजनेता, और इस्लामी क्रांति के शहीद नेता (खामेनेई) के विश्वसनीय साथी के रूप में वर्णित किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रही है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहम्मद बाघेर जोलघदर कौन हैं?
मोहम्मद बाघेर जोलघदर ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नए सचिव हैं, जिन्हें अली लारीजानी की जगह नियुक्त किया गया है।
अली लारीजानी की मृत्यु कब हुई?
अली लारीजानी की मृत्यु १७ मार्च को हुई थी, जब उन पर एक एयर स्ट्राइक का हमला हुआ था।
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का क्या महत्व है?
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद देश की सुरक्षा, रक्षा, परमाणु और विदेश नीति के प्रमुख निर्णय लेने वाली संस्था है।
जोलघदर की नियुक्ति के पीछे का कारण क्या है?
जोलघदर की नियुक्ति अयातुल्ला खामेनेई की मंजूरी और राष्ट्रपति पेजेशकियन के आदेश पर हुई है।
लारीजानी की हत्या को कैसे देखा गया?
ईरानी विदेश मंत्रालय ने लारीजानी की हत्या को कायरतापूर्ण कार्रवाई और उनकी शहादत करार दिया।
राष्ट्र प्रेस