20 अक्टूबर 2026
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लावरोव-रेजाई बैठक: ईरान-रूस रणनीतिक साझेदारी को नई धार, UNSC और IAEA में समर्थन का वादा

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लावरोव-रेजाई बैठक: ईरान-रूस रणनीतिक साझेदारी को नई धार, UNSC और IAEA में समर्थन का वादा

सारांश

लावरोव की तेहरान यात्रा महज़ शिष्टाचार नहीं थी — यह एक स्पष्ट संदेश था। ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हमलों को 'गैरकानूनी' बताना और UNSC में ईरान के पक्ष में खड़े रहने का वादा करना दर्शाता है कि रूस-ईरान धुरी पश्चिमी दबाव के बीच और गहरी हो रही है।

मुख्य बातें

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 20 अक्टूबर 2026 को तेहरान में ईरानी सुरक्षा परिषद सचिव मेजर जनरल मोहसिन रेजाई से मुलाकात की।
रेजाई ने स्पष्ट किया कि ईरान रूस के साथ रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
दोनों देशों ने रणनीतिक परिवहन गलियारों जैसी संयुक्त आर्थिक परियोजनाओं को क्षेत्रीय स्थिरता का अहम स्तंभ बताया।
लावरोव ने UNSC और IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में ईरान के हितों के समर्थन का वादा किया।
लावरोव ने अमेरिका और इज़राइल के ईरान पर सैन्य हमलों को — जिसमें IAEA की निगरानी वाली परमाणु सुविधाओं पर बमबारी भी शामिल थी — गैरकानूनी करार दिया।

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 20 अक्टूबर 2026 को तेहरान दौरे के दौरान ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रेजाई से मुलाकात की, जिसमें द्विपक्षीय रणनीतिक सहयोग को व्यापक बनाने और क्षेत्रीय स्थिरता पर केंद्रित कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (IRNA) की रिपोर्टों के अनुसार, रेजाई ने स्पष्ट किया कि तेहरान, मॉस्को के साथ रणनीतिक संबंधों को और गहरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बैठक में क्या हुआ

रेजाई ने बैठक में कहा कि ईरान और रूस का सहयोग केवल द्विपक्षीय दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका विस्तार पूरे क्षेत्र पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक विकास को मज़बूत करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब पश्चिम एशिया में युद्ध के बाद के हालात नई भू-राजनीतिक चुनौतियाँ पेश कर रहे हैं।

संयुक्त आर्थिक परियोजनाएँ और परिवहन गलियारे

IRNA की रिपोर्टों के अनुसार, रेजाई ने रूस की ओर से द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए प्रस्तुत विभिन्न सुझावों और पहलों का स्वागत किया। उन्होंने विशेष रूप से रणनीतिक परिवहन गलियारों को पूरा करने जैसी संयुक्त आर्थिक परियोजनाओं का उल्लेख किया, जो क्षेत्रीय स्थिरता को दीर्घकालिक आधार देने में सहायक हैं।

रेजाई ने यह भी रेखांकित किया कि युद्ध के बाद बनी नई परिस्थितियों में सुरक्षा और स्थिरता को टिकाऊ बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग अपरिहार्य है।

लावरोव का UNSC और IAEA में समर्थन का वादा

लावरोव ने बैठक में स्पष्ट किया कि रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स सहित सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ईरान की पहलों और हितों का समर्थन जारी रखेगा। यह वक्तव्य ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बरकरार है।

अमेरिका और इज़राइल के हमलों की कड़ी आलोचना

लावरोव ने अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर किए गए सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि IAEA की निगरानी में संचालित ईरानी परमाणु सुविधाओं पर बमबारी समेत ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और पूरी तरह गैरकानूनी थे। यह रूस की ओर से ईरान के पक्ष में आई सबसे स्पष्ट राजनयिक अभिव्यक्तियों में से एक है।

आगे का रास्ता

लावरोव ने कहा कि ईरान और रूस के बीच सहयोग की संभावनाएँ बेहद व्यापक हैं और दोनों देशों के पास ऊर्जा, परिवहन, रक्षा एवं व्यापार सहित कई क्षेत्रों में साझेदारी के बड़े अवसर मौजूद हैं। इस बैठक के बाद दोनों देशों के बीच आगामी सहयोग की रूपरेखा और अधिक ठोस होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पश्चिम-विरोधी मोर्चे को एकजुट रखने की कोशिश करती है। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान पर पश्चिमी दबाव और IAEA निरीक्षण को लेकर तनाव अपने चरम पर है। परिवहन गलियारों और आर्थिक परियोजनाओं की चर्चा बताती है कि यह रिश्ता केवल बयानबाज़ी नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक हितों से भी बँधा है। मुख्यधारा की कवरेज जो नज़रअंदाज़ करती है, वह यह है कि UNSC में रूस का स्थायी वीटो-आधारित समर्थन ईरान के लिए कितना मूल्यवान राजनयिक ढाल है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लावरोव और रेजाई की बैठक किस बारे में थी?
यह बैठक 20 अक्टूबर 2026 को तेहरान में हुई, जिसमें ईरान और रूस के बीच रणनीतिक सहयोग को मज़बूत करने, संयुक्त आर्थिक परियोजनाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा हुई। IRNA की रिपोर्टों के अनुसार, रेजाई ने रूस के सहयोग प्रस्तावों का स्वागत किया।
रूस ने UNSC और IAEA में ईरान को समर्थन का वादा क्यों किया?
लावरोव ने स्पष्ट किया कि रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और IAEA के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में ईरान की पहलों और हितों का समर्थन जारी रखेगा। यह रूस की उस नीति का हिस्सा है जो पश्चिमी दबाव के विरुद्ध ईरान को राजनयिक सुरक्षा प्रदान करती है।
लावरोव ने अमेरिका और इज़राइल के हमलों पर क्या कहा?
लावरोव ने अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर किए गए सैन्य हमलों को गैरकानूनी बताया। उन्होंने विशेष रूप से IAEA की निगरानी में मौजूद ईरानी परमाणु सुविधाओं पर बमबारी का उल्लेख करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया।
ईरान-रूस के संयुक्त आर्थिक प्रोजेक्ट क्या हैं?
IRNA के अनुसार, दोनों देशों के बीच रणनीतिक परिवहन गलियारों को पूरा करने जैसी संयुक्त आर्थिक परियोजनाएँ प्रमुख हैं। रेजाई ने इन्हें क्षेत्रीय स्थिरता को मज़बूत करने में महत्त्वपूर्ण बताया।
यह बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से क्यों अहम है?
रेजाई ने कहा कि युद्ध के बाद बनी नई परिस्थितियों में क्षेत्रीय देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग अपरिहार्य है। यह बैठक पश्चिम एशिया में बदलते शक्ति-संतुलन के बीच ईरान-रूस धुरी को और ठोस आधार देती है।
राष्ट्र प्रेस
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