ईरान ने यूनेस्को को लिखा पत्र, इजरायली हमले की आलोचना की गई
सारांश
Key Takeaways
- ईरान का ट्रांस-ईरानी रेलवे विश्व धरोहर है।
- इजरायली धमकी पर ईरान ने यूनेस्को को पत्र लिखा।
- सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा जरूरी है।
- डोनाल्ड ट्रंप का बयान चिंता का विषय है।
- यूनेस्को की भूमिका महत्वपूर्ण है।
तेहरान, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान ने यूनेस्को को एक पत्र भेजा है, जिसमें ईरान के रेल नेटवर्क को नष्ट करने की इजरायली धमकी की निंदा करने की मांग की गई है। इस पत्र को सांस्कृतिक विरासत मंत्री रेजा सलीही अमीरी ने यूनेस्को के महानिदेशक को भेजा है। उल्लेखनीय है कि ईरान का 1,394 किलोमीटर लंबा ट्रांस-ईरानी रेलवे 2021 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुका है।
ईरान की आईएसएनए न्यूज एजेंसी ने इस मामले की जानकारी दी है। खबर के अनुसार, मंत्री ने पत्र में यूएन एजेंसी से देश के रेलवे सिस्टम पर इजरायल द्वारा किए गए हमले की धमकी की निंदा करने और इस पर कार्रवाई करने की अपील की है।
यूनेस्को की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह ट्रांस-ईरानी रेलवे उत्तर-पूर्व में कैस्पियन सागर को दक्षिण-पश्चिम में फारस की खाड़ी से जोड़ता है और इसे इसकी विशालता और कठिन भौगोलिक विशेषताओं के लिए विश्व धरोहर के रूप में मान्यता दी गई है।
आईएसएनए ने बताया कि मंत्री ने इस खतरे को इंसानियत की साझा विरासत पर एक हमले के रूप में वर्णित किया और यूएन एजेंसी से इजरायली सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए तत्काल एक स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
वहीं, मंगलवार को आईडीएफ ने एक नया वीडियो जारी कर यह दावा किया कि उसने ईरान के वायु रक्षा प्रणाली पर हवाई हमले किए हैं। सेना ने बताया कि अब तक ईरान के 130 से अधिक एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट किया जा चुका है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि ईरान को “एक रात में समाप्त किया जा सकता है।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान निर्धारित समय से पहले अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता है, तो कार्रवाई कभी भी हो सकती है, जिसमें मंगलवार रात का भी समय शामिल है। उन्होंने इसके लिए एक डेडलाइन तय की है।