जयशंकर ने कोटे डी आइवर में भारतीय प्रवासियों से की मुलाकात, मोदी के 25 वर्षों की उपलब्धियाँ गिनाईं
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 8 अक्टूबर 2026 को कोटे डी आइवर की राजधानी अबिदजान में भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ बातचीत की। यह मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई। जयशंकर ने इस संवाद में मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक स्थिति और घरेलू शासन में आए बड़े बदलावों को रेखांकित किया।
मोदी के 25 वर्ष: शासन और जनसेवा का सफर
विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सार्वजनिक पद की शुरुआत की थी। तब से लेकर अब तक उनके नेतृत्व का सिलसिला निरंतर जारी है। जयशंकर ने कहा, '25 वर्षों की सेवा के दौरान सार्वजनिक जीवन में प्रधानमंत्री मोदी का लंबा अनुभव आज भी दुनिया के साथ हमारे रिश्तों और जुड़ाव में हमारा मार्गदर्शन करता है।'
उन्होंने इस अनुभव को भारत की विदेश नीति की मजबूती का आधार बताया और कहा कि शासन की व्यावहारिक समझ ने ही भारत को वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने योग्य बनाया है।
वैश्विक अनिश्चितताओं में भारत की रणनीतिक कूटनीति
जयशंकर ने उन क्षेत्रों का विशेष उल्लेख किया जहाँ भारत ने मोदी सरकार के कार्यकाल में उल्लेखनीय प्रगति की है। इनमें वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विविध देशों से ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना, रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से खाद की आपूर्ति सुरक्षित करना, और आम नागरिकों की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालना प्रमुख हैं।
उन्होंने BRICS और G20 की अध्यक्षता के दौरान भारत द्वारा आम सहमति बनाने के अनुभव को भी रेखांकित किया। विदेश मंत्री ने कहा कि व्यक्तिगत संबंधों और आपसी तालमेल ने दुनिया के साथ भारत के जुड़ाव को नई ऊँचाई दी है।
पासपोर्ट सेवाओं से लेकर संकट-प्रबंधन तक
जयशंकर ने पासपोर्ट सेवाओं में आए सुधार को ठोस उदाहरण के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा, 'अपने सिस्टम की गहरी समझ के जरिए हम बदलाव ला पाए हैं। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तेजी से मदद पहुँचाने या संकट में फँसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के हमारे प्रयासों में भी यह देखने को मिलता है।'
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब विदेशों में रहने वाले लाखों भारतीय नागरिकों की कांसुलर सेवाओं तक पहुँच और संकट के दौरान त्वरित सहायता एक प्रमुख कूटनीतिक प्राथमिकता बन चुकी है।
अफ्रीकी संघ की स्थायी सदस्यता: एक ऐतिहासिक कदम
विदेश मंत्री ने भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्यता दिलाने में निभाई गई भूमिका का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि भारत केवल बयान देने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की कार्यप्रणाली को समझते हुए ठोस परिणाम भी हासिल करता है। गौरतलब है कि यह कदम भारत-अफ्रीका संबंधों के संदर्भ में दीर्घकालिक रणनीतिक महत्व रखता है।
भारतीय प्रवासी समुदाय की भूमिका
जयशंकर ने कोटे डी आइवर में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय, भारत और संबंधित देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में 'दोनों समाजों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी' की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस बातचीत को एक्स पर साझा करते हुए इसे शानदार बताया।
जयशंकर की यह अफ्रीका यात्रा भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती है — विशेष रूप से उस महाद्वीप के साथ जहाँ भारत अपनी साझेदारी को नई गहराई देने में जुटा है। आने वाले समय में इस यात्रा के कूटनीतिक नतीजे भारत-अफ्रीका संबंधों की दिशा तय करने में सहायक होंगे।