जयशंकर का अटलांटा दौरा: G20, क्वाड बैठक और ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ BJP से मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 2 नवंबर 2026 को अमेरिका के अटलांटा में 'ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी' (OFBJP) के सदस्यों से मुलाकात की। यह मुलाकात उनके G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के दौरान हुई, जहाँ उन्होंने वैश्विक सप्लाई चेन, आर्थिक सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के घटनाक्रमों पर भारत का पक्ष रखा।
OFBJP और प्रवासी भारतीयों से संवाद
जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'आज सुबह अटलांटा में ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी (OFBJP) से मिलकर बहुत खुशी हुई।' इसी दिन उन्होंने अटलांटा में भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से भी भेंट की और उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा, 'भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत करना हमेशा सुखद होता है। मुझे उनकी उपलब्धियों और योगदान पर गर्व है।'
गौरतलब है कि प्रवासी भारतीय अमेरिका के विभिन्न राज्यों में राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस तरह की मुलाकातें भारत-अमेरिका संबंधों को जन-स्तर पर मजबूती देती हैं।
G20 में सप्लाई चेन पर भारत का पक्ष
शनिवार को G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के समापन के बाद जयशंकर ने 'प्लेनरी III' (तीसरे पूर्ण सत्र) की जानकारी साझा की, जो वैश्विक सप्लाई चेन पर केंद्रित था। उन्होंने एक्स पर स्पष्ट किया, 'औद्योगीकरण के अधिकार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए; शोषणकारी तौर-तरीकों और प्रतिस्पर्धा को निशाना बनाने वाली गतिविधियों का सख्ती से विरोध किया जाना चाहिए।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार में चीन की औद्योगिक सब्सिडी और डंपिंग प्रथाओं को लेकर G20 देशों में चिंता बढ़ रही है। भारत ने विकासशील देशों के औद्योगीकरण के अधिकार की पैरवी करते हुए एक संतुलित लेकिन दृढ़ रुख अपनाया।
क्वाड बैठक: हिंद-प्रशांत में स्थिरता पर जोर
जयशंकर ने अटलांटा में क्वाड देशों — भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया — के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लिया। इस बैठक में उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ विस्तृत चर्चा की।
बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स पर बताया कि क्वाड की प्राथमिकताओं में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना, समृद्धि को बढ़ावा देना और 'अपनी पसंद चुनने की आजादी' सुनिश्चित करना शामिल है। तकनीक, महत्त्वपूर्ण खनिज और ऊर्जा सुरक्षा को गहरे सहयोग की जरूरत वाले क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया गया।
अगला पड़ाव: एंटीगुआ और बारबुडा
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, अमेरिका में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद जयशंकर एंटीगुआ और बारबुडा रवाना होंगे, जहाँ वे 'कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग' (CHOGM) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। यह दौरा भारत की सक्रिय बहुपक्षीय कूटनीति का हिस्सा है, जो एक साथ G20, क्वाड और राष्ट्रमंडल मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराती है।