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ट्रंप का बड़ा बयान: 'चीन-रूस की जासूसी अमेरिका उनसे कहीं बेहतर करता है'

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ट्रंप का बड़ा बयान: 'चीन-रूस की जासूसी अमेरिका उनसे कहीं बेहतर करता है'

सारांश

मिडटर्म अभियान के आखिरी दिन ट्रंप ने खुलकर कहा — अमेरिका भी चीन और रूस की जासूसी करता है, और उनसे बेहतर। ईरान पर सैन्य कार्रवाई का बचाव, परमाणु रोकने का दावा और महंगाई पर बाइडेन को जिम्मेदार ठहराते हुए ट्रंप ने सलीना, कंसास में अभियान का पर्दा गिराया।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 2 नवंबर 2026 को आयोवा के डुबुक में स्वीकार किया कि अमेरिका चीन और रूस की जासूसी करता है — और दावा किया कि 'हम उनसे कहीं बेहतर तरीके से ऐसा करते हैं।' ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि ईरान के पास अब 'न रडार है, न विमान-रोधी हथियार और न ही कोई नेता।' उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में अमेरिका की महंगाई दर 1.7 प्रतिशत तक गिर गई है।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका — यह दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं।
मंगलवार, 4 नवंबर को अमेरिकी मतदान में हाउस और सीनेट पर नियंत्रण दांव पर है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार, 2 नवंबर 2026 को अपने मध्यावधि (मिडटर्म) चुनाव प्रचार अभियान के अंतिम दिन कई विवादास्पद बयान दिए। आयोवा के डुबुक में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि अमेरिका चीन और रूस की जासूसी उनसे 'कहीं बेहतर' तरीके से करता है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव किया और तेल की कीमतों पर भी अपना रुख स्पष्ट किया।

जासूसी पर ट्रंप का दावा

डुबुक, आयोवा की रैली में ट्रंप ने चीन और रूस की जासूसी को लेकर जताई गई चिंताओं को सार्वजनिक रूप से खारिज किया। उन्होंने कहा, 'किसी ने मुझसे कहा कि चीन हमारी जासूसी कर रहा है। मैंने कहा, हाँ और हम भी उनकी जासूसी कर रहे हैं। इस बारे में चिंता न करें।' ट्रंप ने आगे जोड़ा, 'चीन और रूस हमारी जासूसी कर रहे हैं। यह सच है। और हम भी उनके साथ ऐसा ही कर रहे हैं। लेकिन हम उनसे कहीं बेहतर तरीके से ऐसा करते हैं।' यह बयान अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की गतिविधियों को लेकर राष्ट्रपति की ओर से अब तक की सबसे खुली स्वीकारोक्तियों में से एक माना जा रहा है।

ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई का बचाव

ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का कड़ा बचाव करते हुए कहा कि ईरान के पास अब 'न रडार है, न विमान-रोधी हथियार और न ही कोई नेता।' उन्होंने कहा, 'हमने इसकी शुरुआत नहीं की थी, लेकिन हम इसे खत्म कर रहे हैं।' ट्रंप के इस बयान को ईरानी शीर्ष नेतृत्व पर हुए हमलों के संदर्भ में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वे बातचीत के लिए किसी उचित ईरानी प्रतिनिधि की तलाश में हैं, लेकिन 'कोई भी राष्ट्रपति नहीं बनना चाहता।' गौरतलब है कि यह टिप्पणी ईरानी नेतृत्व में बड़े बदलावों की ओर इशारा करती है।

अर्थव्यवस्था और तेल कीमतों पर रुख

कंसास के सलीना में मिडटर्म अभियान की अंतिम रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अर्थव्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि 'पिछले तीन महीनों में महंगाई दर 1.7 प्रतिशत तक गिर गई है।' ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और बराक हुसैन ओबामा के कार्यकाल की तुलना में तेल की कीमतें कम होने का दावा किया। हालाँकि, ईंधन की ऊंची कीमतों के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह 'इस देश और दुनिया की सुरक्षा के लिए चुकाई जाने वाली एक बहुत छोटी कीमत है।' उन्होंने आश्वासन दिया कि संघर्ष समाप्त होने पर कीमतें 'तेजी से नीचे आ जाएंगी।'

मिडटर्म चुनाव: दांव पर क्या

अमेरिका में मंगलवार, 4 नवंबर को मतदान होना है, जिसमें हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) और सीनेट पर नियंत्रण दांव पर है। ट्रंप ने डुबुक में दो घंटे से अधिक समय तक रैली को संबोधित करने के बाद सलीना, कंसास की रैली में भाग लिया — यह उनके मिडटर्म अभियान की आखिरी रैली थी। यह ऐसे समय में आया है जब रिपब्लिकन पार्टी दोनों सदनों में बहुमत बनाए रखने की कोशिश में है।

ईरान परमाणु मुद्दे पर ट्रंप का दावा

ट्रंप ने सलीना रैली में यह भी दावा किया कि उन्होंने 'ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका है।' यह दावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि ईरान का परमाणु कार्यक्रम वर्षों से वैश्विक कूटनीति का केंद्र बिंदु रहा है। विशेषज्ञों ने इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं की है। आने वाले दिनों में मिडटर्म परिणाम यह तय करेंगे कि ट्रंप की विदेश नीति को घरेलू जनादेश कितना मिलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आमतौर पर कोई भी राष्ट्राध्यक्ष माइक पर नहीं देता। ईरान पर उनके दावे — 'कोई रडार नहीं, कोई नेता नहीं' — अगर सत्य हैं, तो मध्य-पूर्व में शक्ति-संतुलन पर गहरे प्रश्न खड़े करते हैं जिन्हें मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। महंगाई का '1.7%' का आँकड़ा चुनावी संदर्भ में सुविधाजनक लगता है — स्वतंत्र सत्यापन ज़रूरी है। असली परीक्षा मंगलवार के मतदान परिणामों में होगी, जो बताएंगे कि ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति को अमेरिकी मतदाता वैधता देते हैं या नहीं।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने चीन-रूस की जासूसी पर क्या कहा?
ट्रंप ने डुबुक, आयोवा की रैली में कहा कि चीन और रूस अमेरिका की जासूसी करते हैं, लेकिन अमेरिका भी उनकी जासूसी करता है — और 'कहीं बेहतर तरीके से।' यह बयान अमेरिकी खुफिया गतिविधियों की एक दुर्लभ सार्वजनिक स्वीकारोक्ति मानी जा रही है।
ट्रंप ने ईरान के बारे में क्या दावा किया?
ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब न रडार है, न विमान-रोधी हथियार और न ही कोई शीर्ष नेता बचा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में क्या दांव पर है?
मंगलवार, 4 नवंबर को होने वाले मतदान में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों पर नियंत्रण दांव पर है। ट्रंप ने इन चुनावों को अपनी नीतियों के जनादेश के रूप में पेश किया है।
ट्रंप ने महंगाई दर को लेकर क्या दावा किया?
ट्रंप ने सलीना, कंसास की रैली में कहा कि पिछले तीन महीनों में अमेरिका की महंगाई दर 1.7 प्रतिशत तक गिर गई है। उन्होंने ऊंची कीमतों के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और बराक ओबामा के कार्यकाल को जिम्मेदार ठहराया।
ट्रंप ने तेल कीमतों पर क्या कहा?
ट्रंप ने ईंधन की ऊंची कीमतों को 'देश और दुनिया की सुरक्षा के लिए चुकाई जाने वाली एक छोटी कीमत' बताया। उन्होंने दावा किया कि संघर्ष खत्म होने पर कीमतें तेजी से नीचे आएंगी और बाइडेन-ओबामा काल से तुलना करते हुए मौजूदा स्तर को बेहतर बताया।
राष्ट्र प्रेस
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