जयशंकर की अटलांटा जी20 में पाँच देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात, व्यापार-रक्षा पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 31 अक्टूबर 2026 को अटलांटा में आयोजित जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान कनाडा, ब्राजील, अर्जेंटीना, मैक्सिको और जर्मनी के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ताएँ कीं। इन बैठकों में व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु सहयोग जैसे अहम विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
भारत-कनाडा: व्यापार समझौते को नई रफ्तार
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'नई दिल्ली में हमारी बातचीत के कुछ ही हफ्तों बाद, मैं अटलांटा में जी20 के दौरान फिर विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मिली। हमने बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए और एक व्यापक व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने तथा क्षेत्रीय सुरक्षा पर सहयोग को गहरा करने के लिए भविष्य के कार्यों पर चर्चा की।'
आनंद ने यह भी लिखा, 'वैश्विक अर्थव्यवस्था का स्वरूप बदल रहा है, और आगे क्या होगा, इसमें कनाडा और भारत की अहम भूमिका है। हमारे संबंधों में नई गति आने के साथ, हमारे पास व्यापार बढ़ाने, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आर्थिक सामर्थ्य को और बेहतर बनाने का अवसर है।' ग्लोबल अफेयर्स कनाडा के आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने साल के अंत तक एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को पूरा करने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को और ऊंचाई देने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने 'हमारे सहयोग में हो रही निरंतर प्रगति का जायजा लिया।'
ब्राजील और अर्जेंटीना से द्विपक्षीय आर्थिक एजेंडा
ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा के साथ बैठक में जयशंकर ने द्विपक्षीय और वैश्विक दोनों पहलुओं पर चर्चा की। ब्राजील के विदेश मंत्रालय इतामाराती के अनुसार, यह मुलाकात जी20 मंत्रिस्तरीय बैठक के पहले दिन के अंत में हुई, जिसमें द्विपक्षीय आर्थिक एजेंडे पर विशेष ध्यान दिया गया। जयशंकर ने ब्राजील में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने पर विएरा को बधाई दी और अनुरोध किया कि वे राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा को प्रधानमंत्री मोदी की ओर से चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई पहुँचाएँ।
अर्जेंटीना के विदेश मंत्री पाब्लो क्विरनो से मुलाकात में जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि बातचीत में 'व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, रक्षा और परमाणु सहयोग पर चर्चा हुई। साथ ही, बहुपक्षीय मुद्दों पर भी बात की गई।' यह उल्लेखनीय है कि महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर भारत की बढ़ती सक्रियता इस बैठक में भी प्रतिबिंबित हुई, जो चीन पर आपूर्ति-श्रृंखला निर्भरता कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
मैक्सिको और जर्मनी से संबंधों में नई गति
मैक्सिको के विदेश मंत्री रॉबर्टो वेलास्को अल्वारेज के साथ हुई वार्ता के बारे में जयशंकर ने बताया कि यह बैठक 'हमारे संबंधों को नई गति देने पर केंद्रित थी।' जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल से मुलाकात पर जयशंकर ने लिखा, 'जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल से मिलकर बहुत अच्छा लगा। मैं हमेशा उनके साथ अपनी बातचीत का इंतजार करता हूं।' यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत-जर्मनी संबंध रक्षा और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई साझेदारियों की दिशा में बढ़ रहे हैं।
जी20 बैठक का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि अटलांटा में हो रही यह जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। भारत के लिए एक ही मंच पर पाँच प्रमुख देशों के साथ केंद्रित द्विपक्षीय वार्ताएँ कूटनीतिक दृष्टि से अत्यंत उत्पादक रहीं। जयशंकर की इन बैठकों में व्यापार विविधीकरण, महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति और रक्षा साझेदारी पर भारत के बढ़ते जोर को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
आने वाले हफ्तों में भारत-कनाडा व्यापार समझौते की दिशा में और ठोस कदम उठाए जाने की संभावना है, जबकि दिसंबर में प्रधानमंत्री मोदी की संभावित कनाडा यात्रा इस रिश्ते में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।