कनाडाई विदेश मंत्री अनीता आनंद भारत पहुंचीं, जयशंकर से होगी 10वीं बैठक
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली पहुंचीं, जहाँ वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी। जून 2025 के बाद यह उनकी तीसरी भारत यात्रा है और पिछले एक वर्ष में जयशंकर से उनकी 10वीं मुलाकात होगी — जो दोनों देशों के बीच तेज़ी से गहरे होते राजनयिक संबंधों का स्पष्ट संकेत है।
मुख्य घटनाक्रम
भारत के विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि यह यात्रा दोनों पक्षों को 'हाल की प्रगति को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय साझेदारी को और मज़बूत करने का अवसर प्रदान करेगी।' मंत्रालय ने आनंद के आगमन को भारत-कनाडा संबंधों में 'निरंतर उच्च-स्तरीय जुड़ाव और सकारात्मक गति' का प्रतीक बताया।
इसी दिन शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और लोगों के आपसी संबंधों सहित रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों में ठोस परिणामों की दिशा में काम करने पर सहमति जताई।
मोदी ने एक्स पर क्या कहा
फोन कॉल के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ गर्मजोशी भरी और सार्थक बातचीत हुई। हमने भारत-कनाडा संबंधों में सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और हमारी रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों में ठोस परिणामों की दिशा में काम करने पर सहमति जताई।' उन्होंने जोड़ा, 'साथ मिलकर भारत और कनाडा एक अधिक स्थिर और समृद्ध दुनिया में योगदान दे रहे हैं।'
कनाडाई उच्चायुक्त का बयान
भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने कहा कि दोनों देशों के संबंध 'कभी इतने अच्छे नहीं रहे जितने अभी हैं।' उन्होंने बताया कि दोनों प्रधानमंत्री एक वर्ष से कुछ अधिक समय में चार बार मिल चुके हैं। कूटर ने यह भी बताया कि हाल ही में कनाडा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अपने भारतीय समकक्ष के साथ चर्चा के लिए नई दिल्ली आए थे।
आगामी दौरे और रणनीतिक संदर्भ
उच्चायुक्त ने कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू की आगामी भारत यात्रा की भी जानकारी दी, जिससे संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संपर्क का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत-कनाडा संबंध पिछले कुछ वर्षों की तनावपूर्ण स्थिति के बाद स्पष्ट रूप से नई दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
आनंद की इस यात्रा और मोदी-कार्नी की फोन वार्ता के नतीजे आने वाले हफ्तों में भारत-कनाडा संबंधों की अगली दिशा तय करेंगे।