भारत-कनाडा संबंध: अनीता आनंद की नई दिल्ली यात्रा, मोदी-जयशंकर से मुलाकात; दिसंबर में मोदी का कनाडा दौरा तय
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। आनंद ने यह भी पुष्टि की कि प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर 2026 में कनाडा की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे।
एक्स पर आनंद का बयान और यात्रा का उद्देश्य
कनाडाई विदेश मंत्री आनंद ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'इस सप्ताह मैं नई दिल्ली में हूं, ताकि कनाडा और भारत के बीच हाल के समय में बनी सकारात्मक गति को आगे बढ़ाया जा सके और व्यापार, निवेश तथा सुरक्षा से जुड़े साझा लक्ष्यों पर काम किया जा सके।'
उन्होंने कहा, 'ऐसे समय में जब दुनिया कई तरह की अनिश्चितताओं का सामना कर रही है, दोनों देशों के लिए आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना और सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश करना महत्वपूर्ण है।' यह जून 2025 के बाद से आनंद की भारत की तीसरी यात्रा है।
मोदी और आनंद की मुलाकात: प्रमुख बातें
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद आनंद ने कहा, 'कनाडा और भारत के पास मिलकर एक अधिक समृद्ध भविष्य बनाने की जबरदस्त संभावनाएं हैं। आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से रणनीतिक साझेदारी और व्यापार, निवेश व सुरक्षा के नए अवसरों पर चर्चा करने का मौका मिला।'
मोदी ने कहा कि बैठक काफी सकारात्मक रही और इसमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा, 'भारत कनाडा के साथ एक रचनात्मक और भविष्य को ध्यान में रखने वाली रणनीतिक साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे दोनों देशों के लोगों को ठोस लाभ मिल सके।'
जयशंकर की भूमिका और आपसी संवाद
विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा तथा लोगों के बीच संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
जयशंकर ने कहा, 'हमारे शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन और सरकार व उद्योग जगत के बीच लगातार संवाद की बदौलत हमारी रणनीतिक साझेदारी आगे बढ़ रही है।' कनाडा सरकार के अनुसार, सितंबर 2025 से अब तक आनंद और जयशंकर के बीच यह 11वीं मुलाकात है — जो उच्च-स्तरीय संवाद की असाधारण आवृत्ति को दर्शाती है।
ब्लूमबर्ग फोरम और ऐतिहासिक संदर्भ
आनंद और जयशंकर ने नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में 'क्या यह मध्यम शक्तियों का समय है?' विषय पर एक पैनल चर्चा में भी हिस्सा लिया। इस पैनल में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री केविन रुड और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी शामिल थे।
गौरतलब है कि भारत-कनाडा संबंध 2023 और 2024 में गहरे तनाव में आ गए थे, जब दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित किया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें 11 अरब डॉलर का वस्तु व्यापार शामिल था। आनंद ने इस साल प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा और 'टीम कनाडा ट्रेड मिशन' का भी उल्लेख किया, जिसे उन्होंने साझा प्राथमिकताओं को दीर्घकालिक अवसरों में बदलने की दिशा में उठाए गए ठोस कदम बताया।
आगे की राह
करीब 80 साल पुराने भारत-कनाडा राजनयिक संबंधों को आनंद ने उन परिवारों, छात्रों और उद्यमियों की साझा विरासत बताया जिन्होंने दोनों देशों को एक-दूसरे के करीब लाया है। प्रधानमंत्री मोदी की दिसंबर में प्रस्तावित कनाडा यात्रा इस नई द्विपक्षीय गति की अगली बड़ी कसौटी होगी।