कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद 13–15 अक्टूबर तक भारत दौरे पर, जयशंकर से होगी अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद 13 अक्टूबर 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस यात्रा में वह भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात करेंगी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश साल के अंत तक एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश में हैं।
दौरे का विस्तृत कार्यक्रम
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, अनीता आनंद मंगलवार, 13 अक्टूबर को शाम 7.50 बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर पहुँचीं। बुधवार, 14 अक्टूबर को सुबह 11.30 बजे उनकी डॉ. एस. जयशंकर के साथ बैठक आईटीसी मौर्य होटल, दिल्ली में निर्धारित है। इसके बाद दोपहर 2 बजे वह कौशल भवन में जयंत चौधरी से मिलेंगी।
15 अक्टूबर को सुबह 11 बजे आनंद भारत से रवाना होंगी। विदेश मंत्रालय के जारी कार्यक्रम में बैठकों के एजेंडे का विस्तृत ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
आनंद की तीसरी भारत यात्रा — संदर्भ और पृष्ठभूमि
2025 में विदेश मंत्री पद संभालने के बाद यह अनीता आनंद की तीसरी भारत यात्रा है। वह पहले अक्टूबर 2025 में नई दिल्ली आई थीं और फिर मार्च 2026 में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ उन्होंने भारत का दौरा किया था। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क की यह लय पिछले डेढ़ वर्ष में काफी तेज हुई है।
यह यात्रा इस लिहाज़ से भी अहम है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने अर्थात दिसंबर 2026 में ओटावा का आधिकारिक दौरा करने वाले हैं। कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सितंबर 2026 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के इतर इसकी पुष्टि की थी। कार्नी ने कहा था, 'दोनों देश साल के अंत तक व्यापार समझौते पर पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं। वह (पीएम मोदी) उस समय के आसपास कनाडा का दौरा करेंगे। मैं उनकी मेजबानी करने के लिए बहुत उत्सुक हूँ।'
CEPA वार्ता और द्विपक्षीय व्यापार
आनंद के दौरे का सबसे बड़ा कूटनीतिक संदर्भ है — 'कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट' (CEPA) पर जारी वार्ता, जिसे दोनों पक्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखते हैं। 2025 में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30.4 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा, जिसमें वस्तुओं का व्यापार 11.0 अरब डॉलर था।
आँकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत को कनाडा का माल निर्यात 3.9 अरब कनाडाई डॉलर रहा — जिसमें सब्जियाँ, खनिज ईंधन और तेल, तथा लकड़ी का गूदा प्रमुख थे। दूसरी ओर, भारत से कनाडा का माल आयात 9.7 अरब कनाडाई डॉलर रहा, जो व्यापार संतुलन में भारत की मज़बूत स्थिति को दर्शाता है।
आम जनता और व्यापारिक जगत पर असर
CEPA के सफलतापूर्वक संपन्न होने की स्थिति में भारत के कृषि, फार्मास्युटिकल, आईटी सेवा और वस्त्र क्षेत्रों को कनाडा के बाज़ार में बेहतर पहुँच मिल सकती है। भारत में कनाडाई खनिज, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश को भी बल मिलने की संभावना है। कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी के साथ बैठक से संकेत मिलता है कि श्रम गतिशीलता और पेशेवर योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता भी एजेंडे में शामिल हो सकती है।
आगे की राह
आनंद की इस यात्रा को मोदी के ओटावा दौरे की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच CEPA पर वार्ता की प्रगति और दिसंबर 2026 के शिखर सम्मेलन के नतीजे यह तय करेंगे कि भारत-कनाडा संबंध आने वाले वर्षों में किस दिशा में जाते हैं।