27 सितंबर 2026
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जयशंकर-अनीता आनंद मुलाकात: भारत-कनाडा संबंधों को नई ऊँचाई देने पर UNGA में बनी सहमति

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जयशंकर-अनीता आनंद मुलाकात: भारत-कनाडा संबंधों को नई ऊँचाई देने पर UNGA में बनी सहमति

सारांश

UNGA-81 के इतर न्यूयॉर्क में जयशंकर और अनीता आनंद की मुलाकात सिर्फ औपचारिकता नहीं — यह उस व्यापक बहाली का नया पड़ाव है जिसमें CEPA, 2.6 अरब डॉलर का यूरेनियम सौदा और रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी शामिल हैं। भारत-कनाडा रिश्तों में तनाव के दौर के बाद यह सामान्यीकरण की रफ्तार तेज़ होने का संकेत है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 27 सितंबर 2026 को UNGA-81 के दौरान कनाडाई विदेश मंत्री अनीता आनंद से न्यूयॉर्क में मुलाकात की।
जयशंकर ने कहा कि भारत और कनाडा अपने रिश्तों को 'एक नए और ऊँचे स्तर पर ले जाने' की तैयारी में हैं।
दोनों देश 2026 तक CEPA वार्ता पूरी करने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब डॉलर तक पहुँचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
कनाडाई कंपनी Cameco 2027–2035 के बीच भारत को 2.2 करोड़ पाउंड यूरेनियम आपूर्ति करेगी — यह 2.6 अरब डॉलर का सौदा है।
कनाडा में 18 लाख से अधिक भारतीय मूल के नागरिक हैं; 2024 में भारत कनाडा के लिए सबसे बड़ा इमिग्रेशन स्रोत देश रहा।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच संवाद पुनः शुरू; आतंकवाद, साइबर अपराध और नशे की तस्करी प्रमुख एजेंडे पर।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 27 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA-81) के इतर कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से द्विपक्षीय वार्ता की। जयशंकर ने कहा कि दोनों देश अपने रिश्तों को 'एक नए और ऊँचे स्तर पर ले जाने' की तैयारी में हैं। यह बैठक भारत-कनाडा संबंधों में पिछले एक वर्ष में आई उल्लेखनीय बेहतरी की कड़ी में ताज़ा कदम है।

बैठक में क्या हुआ

जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'UNGA-81 के दौरान कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मिलकर खुशी हुई। हमारे बीच अच्छी और सार्थक बातचीत हुई। हम दोनों देशों के रिश्तों को एक ऊँचे स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।' उन्होंने मुलाकात की तस्वीरें और एक वीडियो भी साझा किया। हालाँकि, किसी भी पक्ष ने तुरंत यह स्पष्ट नहीं किया कि बैठक में किन विशेष मुद्दों पर चर्चा हुई या कोई नया समझौता हुआ या नहीं।

पिछले एक वर्ष का कूटनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-कनाडा संबंधों में पिछले कुछ वर्षों की तनातनी के बाद स्पष्ट सुधार दिख रहा है। अक्टूबर 2025 में अनीता आनंद की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने एक साझा रोडमैप जारी किया था। इसके बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस वर्ष की शुरुआत में मुंबई और नई दिल्ली की यात्रा की।

कार्नी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस यात्रा में सुरक्षा, रक्षा सहयोग और व्यापारिक साझेदारी को नए रणनीतिक आधार पर आगे ले जाने पर सहमति जताई थी। कार्नी ने उस दौरान कहा था, 'भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और वैश्विक व्यापार और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत है।'

व्यापार और आर्थिक सहयोग का खाका

दोनों देशों ने 2026 तक कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) पर बातचीत पूरी करने की प्रतिबद्धता जताई है। कनाडा के अनुसार इस प्रस्तावित व्यापार समझौते का लक्ष्य 2030 तक वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब डॉलर तक पहुँचाना है। आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक, 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार 10.9 अरब डॉलर रहा, जबकि 2024 में भारत को कनाडा का सेवा-निर्यात 15.6 अरब डॉलर तक पहुँचा — जिसमें शिक्षा से जुड़ी यात्राओं की भूमिका सबसे बड़ी रही।

CEPA के दायरे में वस्तु व सेवा व्यापार, निवेश, कृषि उत्पाद, डिजिटल व्यापार, लोगों की आवाजाही और टिकाऊ विकास शामिल हैं।

ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा सहयोग

दोनों देशों ने एक रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी की घोषणा भी की है, जिसमें लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG), लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG), यूरेनियम, सौर ऊर्जा और हाइड्रोजन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। एक उल्लेखनीय उपलब्धि 2.6 अरब डॉलर का वह समझौता है, जिसके तहत कनाडाई कंपनी Cameco 2027 से 2035 के बीच परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए भारत को करीब 2.2 करोड़ पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति करेगी।

गौरतलब है कि दोनों देशों ने महत्त्वपूर्ण खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम टेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस, अंतरिक्ष अनुसंधान, उच्च शिक्षा और आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण को भी प्राथमिकता क्षेत्रों में रखा है। सुरक्षा के मोर्चे पर राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच व्यवस्थित संवाद पुनः शुरू किया गया है, जिसमें आतंकवाद, हिंसक चरमपंथ, साइबर अपराध, जबरन वसूली, वित्तीय धोखाधड़ी और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दे एजेंडे पर हैं।

भारतीय डायस्पोरा की भूमिका

कनाडा सरकार के आँकड़ों के अनुसार, वहाँ 18 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं। 2024 में स्टडी परमिट सहित अधिकांश इमिग्रेशन श्रेणियों में भारत, कनाडा के लिए सबसे बड़ा स्रोत देश रहा। यह विशाल डायस्पोरा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों को प्रभावित करने वाला एक स्थायी कारक है।

आने वाले महीनों में CEPA वार्ता की प्रगति और ऊर्जा व सुरक्षा समझौतों के क्रियान्वयन से स्पष्ट होगा कि जयशंकर का 'ऊँचे स्तर' का वादा ठोस नीतिगत बदलाव में तब्दील होता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि CEPA वार्ता 2026 की समयसीमा में पूरी होती है या नहीं — व्यापार का मौजूदा आधार 10.9 अरब डॉलर और लक्ष्य 70 अरब डॉलर के बीच की यह खाई आसानी से नहीं पाटी जाती। Cameco यूरेनियम सौदा ठोस और सत्यापन-योग्य है, लेकिन LNG, AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी में 'सहयोग बढ़ाने की पहचान' अभी भी इरादे के स्तर पर है। ध्यान देने वाली बात यह है कि भारतीय डायस्पोरा और इमिग्रेशन नीति — जो पिछले तनाव के केंद्र में थे — इस नए एजेंडे में हाशिये पर हैं, जो संकेत देता है कि दोनों पक्ष असहज मुद्दों को टालकर आर्थिक-रणनीतिक आधार पर संबंध बनाना चाहते हैं।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर और अनीता आनंद की मुलाकात कहाँ और कब हुई?
यह मुलाकात 27 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA-81) के दौरान हुई। जयशंकर ने इसे 'अच्छी और सार्थक बातचीत' बताया तथा एक्स पर तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए।
भारत-कनाडा CEPA क्या है और इसका लक्ष्य क्या है?
CEPA यानी कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट एक व्यापक व्यापार समझौता है जिस पर दोनों देश 2026 तक वार्ता पूरी करना चाहते हैं। कनाडा के अनुसार इसका उद्देश्य 2030 तक वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब डॉलर तक पहुँचाना है।
Cameco और भारत के बीच यूरेनियम समझौता क्या है?
कनाडाई कंपनी Cameco 2027 से 2035 के बीच परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए भारत को करीब 2.2 करोड़ पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति करेगी। यह 2.6 अरब डॉलर का सौदा भारत-कनाडा ऊर्जा सहयोग की सबसे ठोस उपलब्धि है।
भारत-कनाडा संबंध पिछले एक साल में कैसे बदले हैं?
अक्टूबर 2025 में अनीता आनंद की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों ने साझा रोडमैप जारी किया। इसके बाद कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मुंबई और नई दिल्ली का दौरा किया और PM मोदी के साथ रणनीतिक, आर्थिक व सुरक्षा सहयोग का व्यापक एजेंडा तय किया।
भारत-कनाडा सुरक्षा सहयोग में क्या शामिल है?
दोनों देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच व्यवस्थित संवाद पुनः शुरू हो गया है। एजेंडे में आतंकवाद, हिंसक चरमपंथ, साइबर अपराध, जबरन वसूली, वित्तीय धोखाधड़ी, नशीले पदार्थों की तस्करी और इमिग्रेशन कानून प्रवर्तन शामिल हैं।
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