PM मोदी से मिलीं कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद, व्यापार-सुरक्षा-ऊर्जा पर रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की, जिसमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर गहन चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देश एक दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहे हैं।
बैठक का एजेंडा और मुख्य घटनाक्रम
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा के साथ एक रचनात्मक और दूरदर्शी रणनीतिक साझेदारी बनाने की भारत की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से व्यक्त की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस चर्चा में आपसी हित के व्यापक मुद्दों को शामिल किया गया। बैठक के बाद मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया: 'कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मिलकर खुशी हुई। हमने व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आदान-प्रदान में भारत-कनाडा संबंधों को और मजबूत करने पर एक सार्थक चर्चा की।'
जयशंकर से भी हुई अहम बैठक
इससे पहले अनीता आनंद ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की, जहाँ दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा और लोगों के बीच आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स पर लिखा: 'व्यापार और निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा और लोगों के बीच आदान-प्रदान में हमारे संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।'
जयशंकर ने आगे कहा: 'हमारे नेतृत्व और सरकार तथा उद्योग जगत में निरंतर जुड़ाव के मार्गदर्शन में, हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं।' यह बयान दोनों देशों के बीच संस्थागत स्तर पर संवाद की गहराई का संकेत देता है।
2025 के रोडमैप पर अब तक की प्रगति
अनीता आनंद ने 2025 में अपनी पिछली भारत यात्रा का उल्लेख किया, जब जयशंकर और उनके बीच कनाडा-भारत संबंधों के लिए एक संयुक्त रोडमैप स्थापित करने पर सहमति बनी थी। उन्होंने कहा कि वह द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति को देखकर उत्साहित हैं, जिसमें व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाना और ऊर्जा, नवाचार व सुरक्षा पर सहयोग का विस्तार शामिल है। गौरतलब है कि जून 2025 के बाद से यह आनंद की तीसरी भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की बढ़ती निरंतरता और गंभीरता को दर्शाती है।
विदेश मंत्रालय का स्वागत और आगे की दिशा
भारतीय विदेश मंत्रालय ने आनंद का गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि उनकी यह यात्रा दोनों देशों को हाल की प्रगति पर आगे बढ़ने तथा द्विपक्षीय साझेदारी को और सुदृढ़ करने का सुनहरा अवसर प्रदान करती है। यह यात्रा ऐसे वैश्विक परिदृश्य में हो रही है जब भारत और कनाडा — दोनों G7 और G20 में महत्वपूर्ण भागीदार हैं — द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। आने वाले हफ्तों में व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर ठोस कदमों की उम्मीद है।