जयशंकर से मिले SWIFT के CEO जेवियर पेरेज-तासो, वैश्विक व्यापार और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर हुई चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में SWIFT (वैश्विक इंटरबैंक वित्तीय दूरसंचार सोसाइटी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेवियर पेरेज-तासो से मुलाकात की, जिसमें वैश्विक व्यापार को सुगम और कुशल बनाने के साथ-साथ मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। जयशंकर ने इस बैठक की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर के साथ साझा की।
बैठक में क्या हुई चर्चा
जयशंकर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि नई दिल्ली में SWIFT के CEO से मिलकर खुशी हुई। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच वैश्विक व्यापार को सुगम और दक्ष बनाने के महत्व पर चर्चा हुई, और इसी संदर्भ में भू-राजनीतिक चुनौतियों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक वित्तीय प्रणाली पर भू-राजनीतिक दबाव बढ़ रहे हैं और सीमा पार भुगतान तंत्र की भूमिका पर नए सिरे से बहस चल रही है।
कौन हैं जेवियर पेरेज-तासो
जेवियर पेरेज-तासो जुलाई 2019 से SWIFT के CEO पद पर कार्यरत हैं। वे वर्ष 1995 में इस संगठन से जुड़े थे और तब से विभिन्न तकनीकी एवं नेतृत्व भूमिकाओं में काम किया है। CEO बनने से पहले वे सितंबर 2015 से SWIFT के अमेरिका और यूके क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे, और इससे पूर्व चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) की भूमिका निभाते हुए 'SWIFT 2020' रणनीति का नेतृत्व किया था।
तासो ने सीमा पार भुगतानों को तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक, केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं (CBDC) और डिजिटल परिसंपत्तियों के एकीकरण पर विशेष जोर दिया है।
भारत और SWIFT का संबंध
SWIFT वैश्विक वित्तीय संदेश प्रणाली है जिसका उपयोग दुनिया भर के बैंक और वित्तीय संस्थान अंतरराष्ट्रीय भुगतान के लिए सुरक्षित संदेश आदान-प्रदान हेतु करते हैं। भारत में यह 'SWIFT India' के रूप में संचालित है, जिसका प्रबंधन देश के प्रमुख सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक मिलकर करते हैं। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, भारत और दक्षिण एशिया क्षेत्र में SWIFT का नेतृत्व किरण शेट्टी के हाथों में है।
गौरतलब है कि भारत सरकार और SWIFT नेतृत्व के बीच गिफ्ट सिटी में रणनीतिक उपस्थिति बढ़ाने तथा वित्तीय लेनदेन के क्षेत्र में सहयोग पर पहले भी चर्चा हो चुकी है।
भू-राजनीतिक संदर्भ में अहमियत
यह बैठक ऐसे दौर में हो रही है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद SWIFT से कुछ देशों को अलग करने के निर्णय ने वैश्विक वित्तीय प्रणाली की भू-राजनीतिक संवेदनशीलता को उजागर किया है। भारत लगातार एक स्वतंत्र, बहुध्रुवीय और समावेशी वैश्विक वित्त व्यवस्था की वकालत करता रहा है। इस पृष्ठभूमि में जयशंकर और तासो की मुलाकात का महत्व केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि व्यापक वैश्विक संदर्भ में भी है।
आगे की राह
भारत में सीमा पार भुगतान और व्यापारिक संदेशों के लिए SWIFT का व्यापक उपयोग होता है। आने वाले समय में CBDC एकीकरण और ब्लॉकचेन-आधारित भुगतान तंत्र को लेकर भारत-SWIFT के बीच सहयोग की संभावनाएँ और मज़बूत हो सकती हैं। यह बैठक दोनों पक्षों के बीच वित्तीय संपर्क को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।