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क्या सीजीटीएन सर्वे के अनुसार जापान के अपराधों की पुनः जांच करना न्याय का अधिकार है?

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क्या सीजीटीएन सर्वे के अनुसार जापान के अपराधों की पुनः जांच करना न्याय का अधिकार है?

सारांश

सीजीटीएन द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में जापानी प्रधानमंत्री के भड़काऊ बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। क्या यह न्याय का अधिकार है कि जापान के ऐतिहासिक अपराधों की पुनः जांच की जाए? जानिए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर लोगों की राय।

मुख्य बातें

जापान के ऐतिहासिक अपराधों की पुनः जांच एक-चीन सिद्धांत का समर्थन अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का दृष्टिकोण जापान के दायित्व भड़काऊ बयानों के प्रभाव

बीजिंग, २४ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। जापान के मौजूदा नेता ने कुछ ऐसा कहा जो नहीं कहा जाना चाहिए था और उन्होंने एक ऐसी सीमा पार कर दी जिसे छुआ भी नहीं जाना चाहिए था।

सीजीटीएन द्वारा किए गए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण से पता चलता है कि उत्तरदाता जापानी प्रधानमंत्री के भड़काऊ बयान पर चीन की कड़ी प्रतिक्रिया को पूरी तरह समझते हैं और चीन का समर्थन करते हैं। वे चेतावनी देते हैं कि अगर जापान अपनी राह पर चलने पर अड़ा रहा, तो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और दुनिया भर के न्यायप्रिय लोग उसके ऐतिहासिक अपराधों की फिर से जांच कर सकते हैं।

जापानी प्रधानमंत्री की हालिया भड़काऊ टिप्पणियों की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा कड़ी आलोचना की जा रही है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी की यात्रा के दौरान, जिन मध्य एशियाई देशों के नेताओं से उन्होंने मुलाकात की, उन सभी ने सार्वजनिक रूप से इस बात पर जोर दिया कि दुनिया में केवल एक ही चीन है, थाइवान चीन की भूमि का एक अविभाज्य हिस्सा है, वे किसी भी प्रकार की थाइवान स्वतंत्रता का विरोध करते हैं और राष्ट्रीय एकीकरण के लिए चीन सरकार के सभी प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करते हैं।

सर्वेक्षण में ८६.२ प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि एक-चीन सिद्धांत अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में एक अटल और व्यापक रूप से स्वीकृत सहमति बन गया है। जापान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए थाइवान को चीन को लौटाने का प्रावधान काहिरा घोषणापत्र, पोट्सडैम घोषणापत्र और जापान के आत्मसमर्पण पत्र सहित कई अंतर्राष्ट्रीय दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से उल्लिखित है।

९०.७ प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि एक पराजित देश के रूप में जापान को अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पालन करते रहना चाहिए।

९३.९ प्रतिशत उत्तरदाताओं ने जापान सरकार से थाइवान पर अपने पिछले औपनिवेशिक आक्रमण और सैन्यवाद द्वारा किए गए युद्ध अपराधों पर गहराई से विचार करने, और थाइवान से संबंधित और ऐतिहासिक मुद्दों पर सावधानी से कार्य करने और स्थापित मानदंडों का पालन करने का आह्वान किया।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम सभी देशों के ऐतिहासिक संदर्भ को समझें और न्याय के सिद्धांतों के अनुसार आगे बढ़ें। यह मामला केवल एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी राष्ट्रों के बीच संबंधों को प्रभावित करता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या जापान को अपने ऐतिहासिक अपराधों का सामना करना चाहिए?
हां, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि एक पराजित देश के रूप में जापान को अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पालन करना चाहिए।
सीजीटीएन सर्वेक्षण में क्या निष्कर्ष निकाले गए?
सर्वेक्षण में ८६.२ प्रतिशत उत्तरदाताओं ने एक-चीन सिद्धांत का समर्थन किया है।
जापानी प्रधानमंत्री की टिप्पणियां क्यों विवादास्पद हैं?
उनकी टिप्पणियां ऐतिहासिक संदर्भों को छूती हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में विरोध का कारण बन रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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